दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर2 मिनट पहले
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह के मौके पर यूनिवर्सिटी कैंपस में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी शुरुआत हुई है। बुधवार 4.30 बजे यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से कैंपस के मेन गेट के पास ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ का शुभारंभ किया गया है।
इस नए केंद्र के खुलने से अब न सिर्फ यूनिवर्सिटी के छात्रों, बल्कि आस-पास के आम नागरिकों को भी बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल सकेंगी।
बाजार से बेहद कम कीमत पर मिलेंगी जेनेरिक दवाइयाँ
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाना है। भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत खुलने वाले इस केंद्र पर बाजार मूल्य की तुलना में अत्यंत कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यह केंद्र विशेष रूप से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा, जिन्हें इलाज और महंगी दवाइयों के खर्च से जूझना पड़ता था।
छात्रों को भी मिलेगा योजनाओं का व्यावहारिक ज्ञान
कैंपस के मुख्य द्वार के पास इस केंद्र की स्थापना होने से यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को भी बड़ा फायदा होगा। उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं को करीब से समझने और उनका व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
साथ ही यह केंद्र स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और जनहितकारी योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा और कारगर कदम साबित होगा।

डॉक्टरों के सम्मान में समर्पित रहीं कविता की पंक्तियां
इस खास मौके को डॉक्टर्स डे सप्ताह से जोड़ते हुए डॉक्टरों के निस्वार्थ सेवा भाव को भी याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक बेहद मर्मस्पर्शी कविता के माध्यम से डॉक्टरों को ‘धरती का भगवान’ और ‘करुणा का अवतार’ बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कविता के जरिए यह संदेश दिया गया कि दिन-रात अपनी नींद और आराम का त्याग कर मरीजों की जान बचाने वाले ये सेवा-वीर मानवता के सच्चे पथिक हैं, जिनके सम्मान में पूरा समाज हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों ने रिबन काटकर इस जन औषधि केंद्र की शुरुआत की। इस दौरान स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी, डॉ. दिग्विजय शर्मा, डॉ. धीरज कुमार, डॉ. हिना वैश्य और डॉ. वर्षा प्रसाद सहित कई वरिष्ठ शिक्षक और चिकित्सक मौजूद रहे।
