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सीतापुर में ज्योतिष एवं द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्टि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा सोमवार दोपहर करीब 3 बजे को अपने 64वें दिन हरदोई से होते हुए सीतापुर जनपद में प्रवेश कर गई। नैमिषारण्य से लेकर मिश्रिख तक यात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत और समर्थक यात्रा में शामिल हुए। चार विधानसभाओ से होते हुए यह यात्रा नगर में रात्रि विश्राम करेगी। सीतापुर की सीमा में प्रवेश करते ही नैमिषारण्य स्थित गोमती पुल पर सपा नेता व पूर्व कारागार राज्य मंत्री रामपाल राजवंशी सहित बड़ी संख्या में समर्थकों ने शंकराचार्य का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान “गौमाता राष्ट्रमाता हो” और “जय गौ माता” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इसके बाद यात्रा ठाकुरनगर तिराहे पहुंची, जहां संतों एवं स्थानीय गणमान्य लोगों ने उनका अभिनंदन किया। यहां शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गोरक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं देती हैं तो उनके अभियान और विरोध को और व्यापक किया जाएगा। नैमिषारण्य से यात्रा मिश्रिख पहुंची, जहां महर्षि दधीचि गेस्ट हाउस में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक एवं पूर्व कारागार राज्य मंत्री रामपाल राजवंशी के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। विधिवत पूजन-अर्चन के बाद आयोजित सभा में शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा दिलाना, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगवाना और समाज में गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरण करना है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में माता का स्वरूप है, इसलिए उसके सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होना होगा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।



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