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सिद्धार्थनगर में एक विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आठ साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले को बाल यौन अपराधों के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मामला थाना कठेला समयमाता क्षेत्र से संबंधित है। लगभग आठ वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। पुलिस ने पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए, चिकित्सीय तथा अन्य साक्ष्य जुटाए और विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय में मुकदमे की नियमित सुनवाई शुरू हुई। सोमवार को एएसजे/विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुनाया। उन्होंने ग्राम नवेल, थाना कठेला समयमाता निवासी आरोपी विजय निषाद उर्फ सुलहित को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को सिद्ध करने में सफल रहा। इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार पाठक ने अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। जिला मॉनिटरिंग सेल और थाना कठेला समयमाता पुलिस ने भी मुकदमे की लगातार निगरानी की। उन्होंने गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई और आवश्यक साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन की पैरवी का परिणाम है। इस अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है, जिसके लिए ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है।
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