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मिल्कीपुर तहसील में सोमवार सुबह 10 बजे भारतीय किसान यूनियन (भानू) के बैनर तले किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रमुख महासचिव रमेश तिवारी के नेतृत्व में शुरू हुआ धरना क्षेत्रीय विधायक चंद्रभान पासवान के निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शाम करीब 3 बजे समाप्त हो गया। धरने में किसानों ने जमीन, सार्वजनिक रास्ते और एसडीएम न्यायालय से पत्रावली चोरी सहित कई मामलों को उठाया। विधायक ने सभी प्रकरणों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। 2021 में एसडीएम कार्यालय से पत्रावली चोरी का मामला उठाया बोडेपुर पूरे छीटन गांव की सुनीता प्रियदर्शी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में उनकी पट्टा पत्रावली उपजिलाधिकारी कार्यालय से चोरी हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर 18 जुलाई 2025 को जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन भी किया था। उनका कहना है कि प्रशासन ने पत्रावली का पुनर्गठन तो करा दिया, लेकिन 11 माह बाद भी अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया और फाइल चोरी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं खुला रास्ता खंडासा थाना क्षेत्र के गहनाग गांव की रामसवारी ने सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खड़ी कर रास्ता बंद करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खुलवाया गया, जिससे गांव में जलभराव की समस्या बनी हुई है। रायपट्टी गांव के करुणाशंकर ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत पशुशेड का निर्माण करा दिया गया। उनका कहना है कि शिकायतें करने और न्यायालय में वाद दायर करने के बावजूद दो वर्षों से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना भारतीय किसान यूनियन (भानू) के प्रदेश प्रमुख महासचिव रमेश तिवारी ने बताया कि विधायक चंद्रभान पासवान द्वारा सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एसडीएम न्यायालय से धारा 67-ए की पत्रावली चोरी के मामले में दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र को जांच के लिए इनायतनगर पुलिस को भेज दिया गया है।
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