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उत्तर प्रदेश के रेलवे पुलिस महानिदेशक (डीजी) प्रकाश डी ने मंगलवार को इटावा स्थित रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचकर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। दोपहर एक बजे आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे ट्रैक की निगरानी, ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं की रोकथाम तथा रेलवे से जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में रेलवे डीजी ने कहा कि प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक रेलवे नेटवर्क, रेल यात्रियों तथा उनकी संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा रहा है, ताकि रेलवे से जुड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आधुनिक तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है। पथराव रोकने के लिए बनेगी विशेष रणनीति रेलवे महानिदेशक ने कहा कि ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रेलवे परिसरों में संदिग्ध व्यक्तियों और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। महिला हेल्प डेस्क पर भी दिया जोर उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जीआरपी थानों में महिला हेल्प डेस्क प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया है। रेलवे डीजी ने लोगों से अपील की कि यदि रेलवे परिसर, ट्रेन या रेलवे ट्रैक के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम जीआरपी थाना या आरपीएफ पोस्ट को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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