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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह और ऋतु शाही शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे गोंडा के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचीं। उन्होंने सर्किट हाउस में जिले के विभिन्न स्थानों से आईं 12 महिलाओं और लड़कियों की शिकायतें सुनीं। इनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष 10 शिकायतों पर अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों की लगातार बढ़ती शिकायतों को लेकर आयोग की सदस्यों ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि महिला अपराधों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई से पहले, एकता सिंह और ऋतु शाही ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पंडरी कृपाल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल में भारी गंदगी और खिड़कियों की जाली खराब मिली। इस पर उन्होंने गोंडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतलाल पटेल को सर्किट हाउस बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और लड़कियों पर हुए लाठीचार्ज तथा महिला पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार के मुद्दे पर यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर भी हमला किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई भी छात्र गलत तरीके से प्रदर्शन करेगा, तो सरकार निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। एकता सिंह ने आगे कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे मामलों पर भी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई व्यक्ति उग्र होता है, तो बचाव करना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बच्चों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और पढ़ने वाले बच्चे कभी धरने पर नहीं जाते, वे सीधे सरकार से संपर्क करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग इस तरह के विवादों को बढ़ावा दे रहे हैं। इस दौरान, उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव पर भी निशाना साधा। एकता सिंह ने कहा कि डिंपल यादव एक बच्ची के साथ रील बनाने के लिए गई थीं, जबकि अन्य बच्चे और लड़कियां गिर गई थीं। उन्होंने दोहराया कि यह सब विपक्ष के लोगों का काम है और वे ही ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं।
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