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बाराबंकी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सोमवार को अयोध्या के राम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख धर्म स्थलों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नियंत्रण से मुक्त कराने की मांग को लेकर शहर में जुलूस निकाला। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर को एक राजनीतिक दल और संघ का अखाड़ा बना दिया गया है, जिससे करोड़ों सनातनियों की आस्था को ठेस पहुंची है। इस दौरान पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने संघ और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भारत सरकार ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का गठन किया था।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रस्ट में चंपत राय बंसल सहित अधिकांश सदस्य संघ के प्रचारक हैं। सुमन ने यह भी आरोप लगाया कि इन संघी प्रचारकों ने जमीन खरीद से लेकर निर्माण कार्य और दान राशि में भारी घोटाला कर राम भक्तों के साथ ठगी और लूट की है। पार्टी के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा और राज्य परिषद सदस्य परवीन कुमार ने मांग की है कि आस्था के नाम पर लूट करने वाले भाजपा, वीएचपी और संघ के नेताओं के खिलाफ जांच कराकर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी मांग की कि ‘राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को संघ और भाजपा की राजनीतिक गिरफ्त से पूरी तरह मुक्त कराया जाए। साथ ही, मंदिर के संचालन व प्रबंधन की कमान सनातन धर्म के असली धर्माचार्यों और शंकराचार्यों को सौंपने की अपील की।
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