शुभम | मेरठ6 मिनट पहले
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मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने चाणक्य कोचिंग सेंटर को सोमवार शाम 4 बजे दोबारा सील कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब पहले एक बड़े अधिकारी के फोन पर सेंटर की सील खोल दी गई थी, जिसका अन्य कोचिंग संचालकों ने कड़ा विरोध किया था।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मेरठ में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के लिए डीएम डॉ. वीके सिंह और एडीएम सिटी बृजेश सिंह की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में मेरठ विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग और फायर विभाग के अधिकारी शामिल थे।

सर्वे के बाद मानक पूरे करने का दिया था समय
टीम ने पहले कोचिंग सेंटरों का सर्वे कराया और उन्हें मानक पूरे करने का समय दिया। मानकों का पालन न होने पर नोटिस जारी किए गए और सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई। इसी क्रम में दो दिन पहले एमडीए की टीम ने बच्चा पार्क स्थित स्टार प्लाजा में वीके सिंह के चाणक्य इंस्टीट्यूट को सील किया था।
बताया जा रहा है कि कोचिंग संचालक वीके सिंह पूर्व पीसीएस अधिकारी हैं। उन्होंने एक बड़े अधिकारी से फोन कराकर सील खुलवा ली थी। इस घटना का शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों के संचालकों ने विरोध किया और एमडीए उपाध्यक्ष का घेराव भी किया था।
इतनी किरकिरी होने के बाद बेकफुट पर एमडीए
इस किरकिरी के बाद प्राधिकरण की टीम सोमवार शाम करीब 4 बजे दोबारा चाणक्य कोचिंग सेंटर पहुंची और उसे सील कर दिया। इस दौरान संचालक और बिल्डिंग मालिक ने हंगामा किया। एमडीए की टीम ने दो अन्य सेंटरों पर भी सील लगाई। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान एमडीए टीम का जमकर विरोध हुआ, जिसमें लोगों ने पहले सील हटाने और फिर दोबारा लगाने पर सवाल उठाए।
सील खोलने वाले जेई के खिलाफ भी जांच की जा रही है। इस संबंध में कोचिंग सेंटर के संचालक से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
