Sorting by

×



भाजपा के कानपुर से MLC और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह को विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति (Committee on Privileges) का सभापति मनोनीत किया गया है। विधान परिषद के सभापति ने उन्हें वर्ष 2026-27 के लिए इस जिम्मेदारी की कमान सौंपी है।

.

मानवेंद्र सिंह इससे पहले भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में लंबे अनुभव के बाद अब उन्हें विधान परिषद की अहम समिति का नेतृत्व सौंपा गया है।

क्या करती है विशेषाधिकार समिति? विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति एक महत्वपूर्ण स्थायी समिति है। इसका प्रमुख काम सदन, उसके सदस्यों और उसकी समितियों के विशेषाधिकार हनन से जुड़े मामलों की जांच करना है। समिति किसी मामले में संबंधित पक्षों से साक्ष्य और जानकारी लेने के बाद सदन की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए उचित संस्तुति देती है। विशेषाधिकार के उल्लंघन के मामलों में समिति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

14 अन्य एमएलसी को भी जिम्मेदारी मानवेंद्र सिंह के अलावा विधान परिषद के 14 अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग समितियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समितियों के सभापतियों के मनोनयन के साथ विधान परिषद के कामकाज में इन सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ गई है।

मानवेंद्र सिंह को विशेषाधिकार समिति का सभापति बनाए जाने को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *