नई दिल्ली37 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने चार साल से छोटे बच्चों के लिए सर्दी-जुकाम की दवा को लेकर शनिवार को आदेश जारी किया है। सरकार के मुताबिक, क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड के कॉम्बिनेशन से बनने वाली सभी दवाएं चार साल से छोटे बच्चों को न दी जाएं।
सरकार ने दवा कंपनियों को इन दवाओं के पैकेट, अंदर की जानकारी और प्रचार सामग्री पर साफ चेतावनी लिखने का आदेश दिया है, ताकि छोटे बच्चों को इनके इस्तेमाल से होने वाले संभावित खतरे से बचाया जा सके। दवा के पैकेट पर लिखना होगा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी और ड्रग्स टेक्नीकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिश के बाद यह फैसला लिया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस दवा कॉम्बिनेशन से छोटे बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं, जबकि इस उम्र के लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।
क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड का कॉम्बिनेशन आमतौर पर सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने के बाद दी जाने वाली दवाओं में इस्तेमाल होता है।

15 अप्रैल को कुछ दवाओं पर चेतावनी लगाई गई थी
15 अप्रैल 2025 की अधिसूचना में कुछ फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर यह चेतावनी लगाई गई थी। अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। इन दोनों दवाओं को मिलाकर बनी सभी FDC दवाएं 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जा सकेंगी।
सरकार ने यह आदेश ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत जारी किया है। FDC ऐसी दवा होती है, जिसमें दो या उससे ज्यादा सक्रिय दवा घटक एक ही दवा में निश्चित मात्रा में मिलाए जाते हैं।
3 अक्टूबर 2025: सरकार ने कहा- 2 साल से छोटे बच्चों को कफ सिरप न दें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो साल से छोटे बच्चों को कफ सिरप (खांसी और सर्दी की दवाएं) देने पर रोक लगाई थी।
सरकार ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत की खबरों के बाद एडवाइजरी जारी की थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं दिया जाना चाहिए। इससे बड़े बच्चों को यदि कफ सिरप दिया जाए तो उनका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।

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