Sorting by

×




छेड़खानी का मुकदमा लिखाने वाली महिला के साथ मेरे भाई का चार–पांच से अफेयर था। दोनों की फोन पर बातें होती थी, मेरा भाई उस महिला का पूरा खर्च उठाता था… जब भाई ने पैसे देने बंद कर दिए तो महिला ने अपने ससुर के साथ मिलकर मेरे भाई के खिलाफ साजिश रची, जिसमें पुलिसवाले भी शामिल हैं। यह कहना था नौबस्ता थाने में टॉयलेट क्लीनर पीने वाले ड्राइवर आशीष द्विवेदी के भाई बड़े भाई मोहित द्विवेदी का। मोहित आगरा में प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। शुक्रवार को मोहित, चचेरे भाई विजय व अन्य परिजनों ने मुकदमा लिखाने वाली महिला व नौबस्ता पुलिस पर कई तरह के आरोप लगाए। बोला-घटना के कई घंटे बाद पुलिस ने दी जानकारी मोहित ने कहा कि– 18 अगस्त की रात नौबस्ता पुलिस ने मेरे भाई को फोन कर बुलाया, जहां पुलिसवालों ने मेरे भाई के साथ मारपीट की। उसको बुरी तरह से टॉर्चर किया गया। मारपीट के दौरान उसके हाथ, पैर, सिर समेत अन्य जगहों पर कई चोट के निशान है। हाथ में चोट के नीले निशान पड़े हुए है। पुलिस वालों का कहना है कि भाई शराब के नशे में आया था, जबकि वह शराब पीता ही नहीं है। पुलिसवालों की पिटाई से परेशान होकर उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। थाने जाने के बाद देर रात भाई का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया, देर रात तक उसे फोन मिलाते रहे, लेकिन बात नहीं हो सकी। आरोप है कि घटना के कई घंटे बीतने के बाद 19 अगस्त की सुबह 6 बजे पुलिसवालों ने फोन कर कहा कि– तुम्हारे भाई ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया है, हैलट आ जाओ। हैलट पहुंचने पर वह ICU वार्ड में गंभीर हालत में मुझे मिला। पुलिस के टॉर्चर से मेरा पूरा परिवार डरा हुआ है। बड़ा भाई बोला- तीन दिन से पानी तक नहीं पिया ICU में पुलिस वाले भाई के साथ बैठे रहते है, मुझे मिलने तक नहीं दिया जाता है। डॉक्टरों ने बताया है कि उसका पूरा सीना जल चुका है, नसें ब्लॉकेज हो गई हैं। तीन दिन से भाई ने पानी तक नहीं पिया है, मेरे भाई की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। मेरे भाई को दरोगा विकास सिंह ने भर्ती कराया था। आशीष की स्थिति में सुधार न होने पर शुक्रवार शाम को कई पुलिस वाले आए और उन्होंने कहा कि एक शपथ पत्र बनवाकर लाओ, और अपनी सुपुर्दगी में इलाज कराओ। मोहित ने बताया कि नौबस्ता थाने के दो दरोगा शुक्रवार शाम को शपथ पत्र बनवाने का दबाव बना रहे थे, उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई परिजनों को ही करनी होगी, लेकिन इलाज में होने वाला पूरा खर्च हम लोग उठा लेंगे। वहीं आशीष अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि बिगड़ती हालत को देखते हुए प्राइवेट हॉस्पिटलों के डॉक्टरों से संपर्क किया जा रहा है। यह था पूरा प्रकरण… नौबस्ता निवासी एक महिला के ससुर ने सरसौल के महोली गांव निवासी आशीष द्विवेदी के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत की गई थी। आरोप है कि आशीष अलग-अलग नंबरों से महिला को फोन कर परेशान करता था। विरोध पर उसे और परिवार वालों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इसी शिकायत के संबंध में पुलिस ने 18 अगस्त को आशीष को फोन कर थाने बुलाया था। आशीष दिन में थाने नहीं आया। रात करीब 11:30 बजे वह अपने दोस्त सहज सिंह गौतम के साथ नशे की हालत में थाने पहुंचा। वहां वह पुलिसकर्मियों से उलझने लगा। पुलिसकर्मियों ने कई बार समझाकर उसे जाने के लिए कहा, लेकिन वह पूछताछ कराने पर अड़ा रहा, इसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने में बैठा लिया। इसके बाद दोनों का मेडिकल कराने की तैयारी की जा रही थी, तभी आशीष ने लघुशंका जाने की बात कही। इस पर सिपाही उसे बाथरूम लेकर गया, जहां पहले से रखा टायलेट क्लीनर उठाकर आशीष ने उसे पी लिया था। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी तत्काल उसे कांशीराम ले गए, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *