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प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर (न्यायिक) जयजीत कौर को धमकी देने के आरोपी को 6 दिन बाद भी पकड़ा नहीं जा सका है। उधर उसका एक वीडियो सामने आया है। इसमें उसने महिला अफसर पर ही आरोप लगाए हैं। कहा कि उसने एक मामले में उनके खिलाफ जांच बैठवा दी। इसी से नाराज होकर उस पर एफआईआर दर्ज कराई गई। उसने अफसर के ही एक कर्मचारी पर रिश्वत लेने समेत अन्य आरोप भी लगाए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि घटना वाले दिन वह अकेले ही गया था और इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। आरोपी पवन विश्वकर्मा ने वीडियो में कहा, मेरे मित्र के पास एक सीसीटीवी फुटेज था। इसमें एडिशनल कमिश्नर के कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी ने नौ जुलाई को पैसा लिया था। आरोप लगाया कि यह एक निगरानी का मुकदमा था जिसमें महिला अफसर ने गलत फैसला दे दिया। इसी को लेकर मैं उनके पास गया था और बताया कि इस मामले में आपके कर्मचारी ने पैसा लिया था। इस पर उन्होंने मुझे बेइज्जत करके निकाल दिया। इसकी शिकायत लेकर मैं कमिश्नन मैडम के पास भी गया जहां से मुझे बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद मैंने इस मामले को ट्वीट कर दिया। ये 17 तारीख की घटना है। 27 को पता चला कि मेरे खिलाफ एफआईआर करा दी गई है। मैं ऑफिस अकेले गया था। उस दौरान ऑफिस में उनके कर्मचारी भी मौजूद थे।मैंने इनके खिलाफ जांच बैठवा दी है। इसलिए मेरे खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है। इस मामले में एडिशनल कमिश्रर जयजीत कौर से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। पुलिस बोली- 7 साल से कम सजा वाली धाराएं, तलाश जारी कर्नलगंज पुलिस ने 27 जुलाई को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एसीपी कर्नलगंज विवेक यादव ने बताया था कि मुकदमे में लगी धाराएं सात साल से कम सजा वाली हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने हंडिया के बेलहा-सिंघामऊ गांव में भी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। फेसबुक प्रोफाइल किया लॉक एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही पवन ने अपना फेसबुक प्रोफाइल लॉक कर दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले उसका प्रोफाइल सार्वजनिक था। घटना से कुछ घंटे पहले ही उसने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। महिला अधिकारी को ट्रांसफर कराने तक की दी धमकी सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने एडिशनल कमिश्नर जयजीत कौर से न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उनका तबादला कराने की धमकी भी दी। उसने खुद को प्रभावशाली नेताओं का करीबी बताते हुए शिकायत कराने की बात कही। हालांकि इस संबंध में महिला अधिकारी की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। महिला अफसर ने एफआईआर में क्या कहा? एडिशनल कमिश्नर (न्यायिक) जयजीत कौर ने पुलिस को बताया कि 17 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे पवन विश्वकर्मा 10-12 साथियों के साथ उनके कार्यालय पहुंचा। उसने एक विचाराधीन मामले में अपने पक्ष में फैसला देने का दबाव बनाया। जब उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर होगा, तो आरोपी और उसके साथी भड़क गए। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज की, जान से मारने और प्रयागराज में नहीं रहने देने की धमकी दी। इसके बाद कमिश्नर कार्यालय परिसर में नारेबाजी भी की, जिससे कुछ देर तक सरकारी कामकाज प्रभावित रहा। पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे जयजीत कौर ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि पवन विश्वकर्मा के खिलाफ हंडिया थाने में मारपीट, धमकी और आबकारी अधिनियम के तहत पहले से मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ यूपी गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। शराब में यूरिया मिलाकर बेचने का भी केस पवन विश्वकर्मा पर वर्ष 2021 में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे बेलहा-सिंघामऊ तिराहे के पास गिरफ्तार किया था। उसके पास से शराब के खुले पव्वे, एक किलो यूरिया और नौसादर बरामद हुआ था। पूछताछ में उसने शराब में यूरिया, नौसादर और पानी मिलाकर बेचने की बात स्वीकार की थी। फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर बाहर है। बताया जा रहा है कि उसी मामले में अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए वह एडिशनल कमिश्नर पर दबाव बना रहा था।
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