![]()
“हम बच्चे का इलाज कराएंगे, हम अपना शरीर बेच देंगे, खून बेच देंगे, किडनी बेच देंगे, लेकिन उसको सही कराएंगे”। ये कलेजा चीरकर रख देने वाली दर्द भरी दास्तां है उस दम्पति की जो अपने 3 महीने के बच्चे को मृत जानकर बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड पर ठेले के नीचे छोड़कर चले गए थे। ये घटना रविवार देर रात डेढ़ बजे की है। बच्चे का इलाज कराने बरेली आए थे दंपत्ति
बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड पर ठेले के नीचे अपने बच्चे को छोड़ने वाले माता-पिता सामने आए हैं। हरदोई जिले के गांधीनगर के रहने वाले ओमप्रकाश और उनकी पत्नी स्वाति ने बताया कि उनका बच्चा अस्वस्थ था, जिसे लेकर वे इलाज कराने आए थे।
दंपत्ति ने बताया कि बच्चा बेहोश हो गया था और उन्हें लगा कि उसकी मौत हो गई है। डर के कारण वे उसे वहीं छोड़कर चले गए थे। ओमप्रकाश ने कहा कि उन्हें डर था कि लोग उनसे पूछताछ करेंगे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। CWC के सामने पेश हुए बच्चे के मां बाप
अगले दिन उन्होंने मीडिया में खबर देखी कि बच्चा जिंदा है। जिसके बाद उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। वो सोमवार को बरेली पहुंचे और बारादरी पुलिस से मिले। जिसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) भेजा गया। जहां CWC के अध्यक्ष मजिस्ट्रेट के सामने बच्चे के मां बाप के बयान दर्ज हो रहे है। उनसे बच्चे से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे गए है। जिसको दिखाने के बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। बच्चे की मां बोली बेटे के लिए कुछ भी करने को तैयार
इस घटना के बाद स्वाति का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा, “हम बच्चे का इलाज कराएंगे, हम अपना शरीर बेच देंगे, खून बेच देंगे, किडनी बेच देंगे, लेकिन उसको सही कराएंगे”। स्वाति ने यह भी कहा कि अगर उनके पास पैसा नहीं हुआ, तो वे अपनी किडनी निकालकर बेच देंगी।
उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि उनका बच्चा जीवित और सुरक्षित है। अपने बच्चे को वापस पाकर वे बेहद खुश हैं और उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। ओमप्रकाश और स्वाति ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। बेटी की उम्र साढ़े तीन साल है।
दंपत्ति का कहना है कि वे इलाज के लिए बरेली आए थे, लेकिन बच्चे की स्थिति बिगड़ने और डर के कारण वे घबरा गए थे। उन्होंने कहा कि अब वे बच्चे का इलाज कराएंगे और किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
Source link