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मैनपुरी नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप पर हंगामा हुआ। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिसर का घेराव कर प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि उनकी एक महिला कार्यकर्ता अपने पिता की मृत्यु के बाद पिछले छह महीने से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर लगा रही थी। संगठन के अनुसार, प्रमाण पत्र तैयार होने के बावजूद उसे नहीं दिया गया और छह हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर पालिका पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि आम लोगों को छोटे कार्यों के लिए भी बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत काम नहीं होता। धरना बढ़ता देख अधिशासी अधिकारी बुद्धि प्रकाश मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान महिला कार्यकर्ता को मौके पर ही मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। जिलाध्यक्ष पवन सक्सेना ने बताया कि यह प्रदर्शन केवल मृत्यु प्रमाण पत्र के मुद्दे तक सीमित नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में आने वाले किसानों और आम नागरिकों से पार्किंग में वाहन खड़ा करने के लिए भी शुल्क लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, शहर के कई इलाकों में सड़क और जलभराव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं को लेकर संगठन ने नगर पालिका का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान अधिशासी अधिकारी ने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि नगर पालिका में आने वाले किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारियों और किसानों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सड़क और जलभराव से जुड़ी शिकायतों का भी जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने और महिला कार्यकर्ता को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में संगठन की महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही।
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