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सुल्तानपुर में मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनूप संडा ने ‘अयोध्या चंदा चोरी’ मामले को लेकर भाजपा सरकार और रामजन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखने के फैसले की भी जांच होनी चाहिए। अनूप संडा ने कहा कि यदि रामजन्मभूमि ट्रस्ट आरटीआई के दायरे में होता तो कथित चंदा ठगी का मामला पहले ही सामने आ जाता। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों के आदेश पर ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया, उनकी भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। ‘निष्पक्ष जांच हुई तो बड़े नाम आएंगे सामने’ सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस कथित चंदा घोटाले में पूरा संघ परिवार, भाजपा सरकारें और केंद्र सरकार की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि यदि किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई गई तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। संडा ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को चुनावी करार देते हुए कहा कि भाजपा और संघ परिवार रामजन्मभूमि में चंदे की कथित ठगी के आरोपों से घिरे हैं। इसी कारण जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। ‘स्कूल बंद, ई-रिक्शा बंद… यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं’ उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। संडा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन के कारण सुल्तानपुर के सभी प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं और शहर में ई-रिक्शा भी नहीं चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी लोकतांत्रिक मुख्यमंत्री के आगमन जैसा नहीं लगता, बल्कि तानाशाही सोच को दर्शाता है। ‘घोषणाएं होती हैं, जनता तक राहत नहीं पहुंचती’ सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर झूठी घोषणाएं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कोई धनराशि आती भी है तो उसके भ्रष्ट अधिकारियों के बीच बंट जाने की आशंका रहती है और आम जनता तक उसका लाभ नहीं पहुंचता। मनोज पांडेय पर भी साधा निशाना मनोज पांडेय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनूप संडा ने कहा कि वह कभी समाजवादी पार्टी का हिस्सा थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पांडेय सपा में थे, तब उन्हें ये आरोप क्यों याद नहीं आते थे, या भाजपा में मंत्री बनने के बाद उनका ‘हृदय परिवर्तन’ हो गया है। संडा ने मनोज पांडेय के बयान को पूरी तरह ‘अनर्गल’ बताया।
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