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चंदौली जिले में जमीन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को रद्द करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह एक्सप्रेस-वे धान के उपजाऊ इलाकों से होकर गुजरेगा। इससे किसान भूमिहीन हो जाएंगे और जनपद में बाढ़ की समस्या भी बढ़ जाएगी। लोगों ने कलेक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस परियोजना को नहीं रोका गया, तो किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। पूर्व प्रधान गुलाब ने बताया कि यह परियोजना बबुरी क्षेत्र के पचोखर, शिवनाथपुर, चंदाइत, हसनपुर उसरवली, सिकंदरपुर और गोपालपुर जैसे गांवों से प्रस्तावित है। यह चंदौली से होते हुए गाजीपुर की ओर जाएगी। किसानों का कहना है कि यह इलाका ‘धान का कटोरा’ कहलाता है। ऐसे में इस क्षेत्र से एक्सप्रेस-वे का गुजरना किसानों को भूमिहीन बना देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद में पहले से ही कई एक्सप्रेस-वे, हाईवे और फोरलेन सड़कें मौजूद हैं, इसलिए विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का कोई औचित्य नहीं है। पैदल मार्च निकालने के लिए मजबूर किसानों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो जनपद में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जो किसानों के लिए अत्यंत घातक होगी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी इस मामले में सकारात्मक पहल नहीं करते हैं, तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन और पैदल मार्च निकालने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव, अनमोल भारती, मंजू देवी, शरद चंद्र सिंह, राजनारायण, गोविंद, राजीव सिंह, उदय नारायण मौर्य, निहाल सिंह, लक्ष्मी नारायण, महेंद्र लाल श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह, बुधीराम, दिलीप कुमार मौर्य, संजय तिवारी और उमाशंकर सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।



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