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इटावा के विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में बुधवार को डीबीटी कैशलेस जागरूकता एवं डीबीटी वेरिफिकेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया तथा लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत शिक्षकों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रति परिवार लगभग ₹3,000 का वार्षिक प्रीमियम वहन करेगी। बच्चों को निर्धारित आयु तक तथा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग बच्चों को आजीवन योजना का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इटावा में इस योजना से कुल 9,812 परिवारों को सुरक्षा कवच मिलेगा। इनमें 4,929 शिक्षक परिवार, 3,450 रसोइया परिवार, 1,286 शिक्षामित्र परिवार, 102 अनुदेशक परिवार, 28 विशेष शिक्षक परिवार तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 17 परिवार शामिल हैं। शहर में पहली बारिश के बाद हुए जलभराव के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि वह स्वयं पानी से होकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बेहतर जानकारी जिलाधिकारी दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षा से भूजल स्तर बढ़ेगा और यह शुभ संकेत है। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने योजना को शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा बताया। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक में वेतन खाता खुलवाने पर लाभार्थियों को ₹1 करोड़ तक का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की ओर से ऊर्जा विभाग पर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछली सरकार में भर्तियों में अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने पंचायत सचिवों की नियुक्तियों में भी पक्षपात का आरोप लगाया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
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