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फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सुबह दस बजे से ही किसान धरना स्थल पर पहुंचने लगे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जिलाध्यक्ष अजय कटियार टेंट, कपड़े और खाने-पीने का सामान लेकर पहुंचे, जिसके बाद ट्रैक्टर-ट्रालियों से बड़ी संख्या में किसान भी जुट गए। जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसान यूनियन इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने आई है और बिना समाधान के धरना समाप्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन यह समझ रहा है कि किसान केवल ज्ञापन देकर वापस चले जाएंगे, तो यह गलतफहमी है। किसान पूरी तैयारी के साथ आए हैं और अपनी मांगों का समाधान होने तक डटे रहेंगे। किसानों का आरोप है कि लिंक एक्सप्रेस-वे के तीनों कटों पर बड़े पैमाने पर किसानों की जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं और कई मकान भी तोड़े जा रहे हैं। उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है, जबकि भुगतान सामान्य कृषि भूमि की दरों पर किया जा रहा है। कटियार ने बताया कि जिन किसानों के बैनामे हो चुके हैं, उन्हें सहमति पत्र में 15 दिन में भुगतान का आश्वासन मिलने के बावजूद डेढ़ महीने बाद तक भी भुगतान नहीं मिला है। यूनियन ने नवाबगंज क्षेत्र की सावित्री देवी के पुराने भूमि विवाद का मुद्दा भी उठाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि महिला लगभग 60 वर्षों से जिस जमीन पर रह रही थीं, उसका कब्जा बिना उचित आदेश के बदल दिया गया है। उन्होंने कायमगंज और अमृतपुर तहसील प्रशासन पर भी जिलाधिकारी के आदेशों का पालन न करने का आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन की कुल 20 मांगें हैं। इसके साथ ही प्रयागराज में प्रदेश युवा अध्यक्ष पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भी प्रदर्शन किया जा रहा है। कटियार ने दोहराया कि जब तक सभी मांगों पर फैसला नहीं होगा, तब तक किसान धरनास्थल से नहीं हटेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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