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देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह करीब 7:45 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलई बेलवा और आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। वे लोअर और टी-शर्ट पहनकर अचानक पहुंचे, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने बच्चों की डिजिटल उपस्थिति, शिक्षकों की हाजिरी, पठन-पाठन व्यवस्था और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने शिक्षकों से बच्चों की डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने के लिए नियमित प्रयास करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और सरकार की मंशा के अनुरूप सभी बच्चों को निपुण बनाने के लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
विद्यालय के निरीक्षण के बाद, डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, प्रारंभिक शिक्षा और पोषण व्यवस्था की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केंद्रों पर बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार सभी सुविधाएं मिलें, ताकि उनके सर्वांगीण विकास में कोई कमी न रहे। निरीक्षण के समय विद्यालय में छह शिक्षक और दो शिक्षामित्र कार्यरत पाए गए। इनमें से एक शिक्षामित्र अनुपस्थित मिला। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षामित्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
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