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संभल में 6 साल पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी रामरतन पर 25,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। छह साल तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को यह फैसला आया। अतिरिक्त दहेज मांगने और प्रताड़ना का लगा था आरोप मामला थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव भमौरी पट्टी का है। थाना बहजोई क्षेत्र के गांव लतीफपुर पचतोरा निवासी बिजेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी अनीता की शादी करीब 12 साल पहले भमौरी पट्टी निवासी रामरतन से की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर अनीता को परेशान करते थे। पति पर लगाया था मारपीट और हत्या का आरोप रिपोर्ट के अनुसार, घटना से करीब एक साल पहले अनीता ने अपने पति रामरतन को उसके चचेरे भाई की पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इसका विरोध करने पर रामरतन ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अनीता अपने मायके चली गई और करीब एक साल तक ससुराल नहीं लौटी। समझौते के बाद ससुराल भेजी गई थी अनीता 10 अप्रैल 2020 को रामरतन कुछ संभ्रांत लोगों के साथ अनीता के मायके पहुंचा था। उसने भविष्य में मारपीट नहीं करने और विवाद खत्म करने का भरोसा दिया। इसके बाद परिवार ने अनीता को दोबारा ससुराल भेज दिया। आरोप है कि ससुराल लौटने के तीसरे दिन ही अनीता की हत्या कर दी गई। घर पहुंचने पर मृत मिली थी बेटी कुछ समय बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर आशंकित बिजेंद्र सिंह अपने बेटे, पत्नी और भाई के साथ भमौरी पट्टी पहुंचे। वहां अनीता मृत अवस्था में मिली, जबकि घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद बिजेंद्र सिंह ने रामरतन समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। साक्ष्यों के आधार पर पति के खिलाफ चला मुकदमा पुलिस जांच में अन्य आरोपियों के नाम हटा दिए गए और साक्ष्यों के आधार पर केवल पति रामरतन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रामरतन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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