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अमेठी कलेक्ट्रेट में रक्षाबंधन से पहले सेपियन स्कूल की छात्राएं डीएम संजय चौहान को राखी बांधने पहुंचीं। राखी बांधने के बाद डीएम ने छात्राओं से करीब एक घंटे तक संवाद किया। इस दौरान छात्राओं ने करियर, पब्लिक स्पीकिंग के डर, आलस्य और सोशल मीडिया से ध्यान भटकने जैसे कई सवाल पूछे, जिनका डीएम ने जवाब दिया। एक छात्रा ने काम टालने और ध्यान भंग होने से बचने का उपाय पूछा। इस पर डीएम संजय चौहान ने कहा कि ध्यान भंग करने की आदत हमारी खुद की होती है। कोई भी चीज बुरी नहीं है, लेकिन उसे जरूरत से ज्यादा महत्व देना गलत है।
उन्होंने सोशल मीडिया के लिए सीमा तय करने और अनुशासन से आदतों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। डीएम ने बताया कि आज सूचना का दौर है, ऐसे में कई लक्ष्य एक साथ तय करने से फोकस बिगड़ता है, इसलिए निरंतरता, अनुशासन और परिश्रम आवश्यक हैं। एक अन्य छात्रा ने आलस्य से बचने का उपाय जानना चाहा, जिस पर डीएम ने कहा कि इंसान के दो सबसे बड़े दुश्मन आलस्य और जरूरत से ज्यादा आराम हैं। इन्हें त्यागने से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। वहीं, एक छात्रा ने डीएम जैसा बनने की इच्छा जताई लेकिन बोलने में डर लगने की बात कही। डीएम ने मुस्कुराते हुए उसे ‘मेरे जैसा नहीं, अपना खुद का बेहतर वर्जन’ बनाने की प्रेरणा दी और आत्मविश्वास के साथ मंच पर बोलने के टिप्स भी दिए। संवाद के बाद डीएम ने सभी छात्राओं को शगुन और चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया। छात्राएं इस अनूठे अनुभव से काफी उत्साहित नजर आईं।
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