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शहर की व्यस्त सड़कों और भीषण ट्रैफिक जाम से जूझ रहे कानपुर वासियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। कानपुर मेट्रो का दायरा अब बहुत तेजी से बढ़ने जा रहा है। कॉरिडोर-1 का सेंट्रल से नौबस्ता तक का हिस्सा बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद अब सिर्फ शासन की ओर से उद्घाटन की तारीख का ऐलान होना बाकी है। वहीं, कॉरिडोर-2 पर भी काम अंतिम दौर में है और अगले साल की शुरुआत में उस पर भी ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। नौबस्ता तक जुड़ेंगे 7 नए स्टेशन, CMRS से हरी झंडी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के ज्वाइंट जीएम (जनसंपर्क) पंचानन मिश्रा ने बताया कि,सेंट्रल से नौबस्ता के बीच का पूरा रूट पैसेंजर सर्विस के लिए तैयार है। इस नए हिस्से के शुरू होते ही मेट्रो नेटवर्क में 7 नए स्टेशन जुड़ जाएंगे, जिनमें 2 स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए गए हैं। यह रूट कानपुर सेंट्रल से शुरू होकर झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, बौद्ध नगर और वसंत नगर से होते हुए सीधे नौबस्ता तक पहुंचेगा। मेट्रो सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम की तरफ से निरीक्षण के बाद इनिशियल क्लीयरेंस और सभी जरूरी अप्रूवल मिल चुके हैं। सिग्नलिंग और सेफ्टी पैरामीटर्स की रिपोर्ट पूरी तरह पॉजिटिव है। अब बस राज्य सरकार की ओर से तारीख तय होते ही इस पूरे रूट पर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। कॉरिडोर-2 का काम तेज,CSAU से बर्रा-8 तक अगले साल शुरू होगी सेवा दूसरी तरफ, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय से लेकर बर्रा-8 तक बनने वाले कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य भी अपने आखिरी पड़ाव पर है। टनल और भूमिगत स्टेशनों के अंदर फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है, वहीं एलिवेटेड सेक्शन का पूरा ढांचा बनकर तैयार हो चुका है। वर्तमान में टनल के अंदर और एलिवेटेड कॉरिडोर पर पटरी बिछाने के साथ-साथ टेलीकम्युनिकेशन और सिग्नलिंग सिस्टम इंस्टॉल करने का काम तेजी से चल रहा है। इस साल के अंत तक यह पूरा कॉरिडोर पूरी तरह शेप में आ जाएगा, और सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले साल की शुरुआत में इस पर भी मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी। नौबस्ता से बर्रा-8 को जोड़ने का नया मास्टर प्लान, 2100 करोड़ का प्रस्ताव
शहर के दो बड़े छोरों को आपस में डायरेक्ट कनेक्ट करने के लिए सरकार नौबस्ता और बर्रा-8 के कॉर्नर्स को भी आपस में जोड़ने पर विचार कर रही है। यह नया लिंक करीब 8 किलोमीटर लंबा और पूरी तरह से एलिवेटेड रहेगा। इसे बनाने में करीब 2100 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है, जिसमें 5 से 6 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। फिलहाल इस 8 किलोमीटर लंबे नए लिंक को राज्य सरकार से औपचारिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। 32.5 किमी का नेटवर्क बदलेगा शहर की रफ्तार
कानपुर मेट्रो के दोनों मुख्य कॉरिडोर मिलकर कुल 32.5 किलोमीटर लंबे हैं। इन दोनों रूटों के पूरी तरह चालू होने से न सिर्फ शहर के लाखों दैनिक यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर और किदवई नगर जैसे घनी आबादी और व्यापारिक गतिविधियों वाले इलाकों को भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
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