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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के महानिदेशक/महानिरीक्षक पीसी मीणा के खिलाफ प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला बनता हुआ पाया है। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए विपक्षी पक्ष से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति विकास की एकल पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता नत्थू सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा। आदेश की अवहेलना का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट द्वारा 6 अप्रैल 2026 को पारित आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी। दो बार मांगे गए थे निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इससे पूर्व 22 जुलाई 2026 और 31 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों से निर्देश मांगे गए थे। इसके बावजूद अदालत को अपेक्षित जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रभूति कांत त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि 25 जुलाई और 3 अगस्त 2026 को फैक्स के माध्यम से दो पत्र भेजे गए थे, लेकिन अब तक संबंधित विभाग की ओर से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। 23 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले के तथ्यों और प्रस्तुत अभिलेखों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला बनता है। अदालत ने विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को निर्धारित की है।
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