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रायबरेली में लापरवाही के आरोप में एक निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है। जेल रोड स्थित शाश्वत नर्सिंग होम में टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद एक 10 वर्षीय बच्ची शिवानी सिंह कोमा में चली गई है। प्रशासन ने इस मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की है। बच्ची के पिता शरद कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शिवानी को 29 जून 2026 को टॉन्सिल के ऑपरेशन के लिए शाश्वत नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि 30 जून की सुबह जब बच्ची को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, तो लगभग 10 मिनट के भीतर ही अंदर से उसके जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। अस्पताल के कर्मचारी बच्ची को बिना स्ट्रेचर के गोद में उठाकर बाहर लाए, उस समय उसकी नाक से खून बह रहा था।
परिजनों द्वारा पूछने पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आरोप है कि बच्ची के अत्यधिक चिल्लाने पर उसे एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके तुरंत बाद वह बेहोश हो गई और उसकी धड़कनें धीमी पड़ने लगीं। परिजनों ने यह भी बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन या आपातकालीन चिकित्सा की उचित व्यवस्था नहीं थी। आनन-फानन में परिजनों ने वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था कर बच्ची को लखनऊ के अपोलो अस्पताल पहुंचाया। वर्तमान में शिवानी ‘ब्रेन डैमेज’ के कारण कोमा में है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पिता ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है और शाश्वत नर्सिंग होम को सील कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया की बच्ची के इलाज में लापरवाही के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। यह अत्यंत गंभीर विषय है। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही हैं इसी कड़ी में शाश्वत नर्सिंग होम अस्पताल कों सील कर दिया गया हैं।
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