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उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘साइबर वज्र अभियान’ के तहत फिरोजाबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और पेपर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में थाना दक्षिण, टूंडला, रामगढ़, रसूलपुर और सिरसागंज पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए 11 साइबर अपराधियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 8 आधार कार्ड, पैन कार्ड, कई सिम कार्ड, एक लैपटॉप और 65 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की जा रही है, जिससे साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। एसपी (साइबर) राजेश गुनावत ने बताया कि आरोपी डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, पेपर ट्रेडिंग और अन्य ऑनलाइन तरीकों से लोगों को झांसे में लेते थे और उनके बैंक खातों से रकम हड़प लेते थे। प्रारंभिक जांच में दिल्ली, तेलंगाना, केरल, उत्तर प्रदेश और बेंगलुरु सहित कई राज्यों के लोगों से लगभग 1.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। 50 हजार रुपये की ठगी थाना दक्षिण पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों शिवम और आकाश पाराशर को गिरफ्तार किया है, जो हिमायूंपुर, थाना दक्षिण क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि तेलंगाना में दर्ज एक साइबर ठगी के मामले में 50 हजार रुपये की ठगी हुई थी, जिसमें शिवम के बैंक खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह रकम बाद में चेक के माध्यम से निकाल ली गई थी। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य मुशीर आलम फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी आदित्य लांग्हे ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आने वाले प्रलोभनों से सतर्क रहें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें।
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