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नगर पालिका परिषद बलिया के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकतंत्र सेनानी हरे राम चौधरी का निधन हो गया है। समाजवादी पार्टी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक एवं राजनीतिक क्षति बताया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने मंगलवार को अपने शोक संदेश में कहा कि हरे राम चौधरी से उनका संबंध विद्यार्थी जीवन से ही था। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान वे दोनों एक साथ जेल में भी रहे थे। चौधरी ने कहा कि भले ही उनकी राजनीतिक विचारधाराएँ अलग थीं, लेकिन उनके पारिवारिक एवं आत्मीय संबंध सदैव बने रहे। उन्होंने हरे राम चौधरी के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया। बलिया लोकसभा सांसद सनातन पाण्डेय ने हरे राम चौधरी को एक कुशल राजनीतिज्ञ, सरल व्यक्तित्व का धनी और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला जननेता बताया। उन्होंने कहा कि संबंधों को निभाने की उनकी शैली सदैव अनुकरणीय रहेगी। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने बताया कि स्वर्गीय हरे राम चौधरी से उनके परिवार का संबंध पीढ़ियों पुराना था। एक ही क्षेत्र का होने के कारण उन्हें बचपन से ही चौधरी को निकट से जानने और उनके स्नेह का अवसर मिला। कान्हजी ने उनके व्यवहार को अत्यंत मधुर, सरल एवं आत्मीय बताया और उनके निधन को अपने लिए भी व्यक्तिगत दुःख का विषय कहा। पूर्व अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि स्व. हरे राम चौधरी शतप्रतिशत राजनीतिक व्यक्ति थे और समाज के सभी वर्गों से स्नेह रखते थे। शोक व्यक्त करने वालों में डॉ. विश्राम यादव, बीरबल राम, मदन राय, जितेंद्र यादव, शैलेश सिंह सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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