प्रमोद यादव | प्रयागराज2 घंटे पहले
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प्रयागराज में जल क्रीड़ा को बढ़ावा देने के लिए केरल की तर्ज पर विश्वस्तरीय वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके तहत बोट क्लब को भविष्य में जल क्रीड़ाओं के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। मंगलवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने डीएम मनीष कुमार वर्मा और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज के साथ बोट क्लब परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के केरल मॉडल पर बोट हाउस और वेयरहाउस समेत आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और बेहतर खेल अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए चरणबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी।

विश्वस्तरीय बोट हाउस और वेयरहाउस बनेंगे
बोट क्लब परिसर में नौकाओं के सुरक्षित रखरखाव और संचालन के लिए विश्वस्तरीय बोट हाउस बनाया जाएगा। इसके साथ ही खेल उपकरणों के सुरक्षित संरक्षण और वैज्ञानिक रखरखाव के लिए वेयरहाउस की भी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
खिलाड़ियों के लिए आधुनिक जिम और प्रशिक्षण सुविधाएं
खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, स्टेमिना और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक जिम बनाया जाएगा। इसके अलावा जल क्रीड़ाओं के अनुरूप अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी मिल सके।

स्टेट चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना
हाल ही में हुई 37वीं उत्तर प्रदेश स्टेट सीनियर कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप में प्रयागराज के खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में पदक जीते। मंडलायुक्त ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय मंच देने के लिए बेहतर खेल अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माणाधीन सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
