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फर्रुखाबाद के एक निजी नर्सिंग होम में पीलिया से ग्रसित 6 साल के बच्चे यश कुशवाहा की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बच्चे के पिता ने उसे मृत बताया, जबकि नर्सिंग होम के डॉक्टर ने जीवित होने का दावा किया। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और बच्चे को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरदोई के कनस्थूखेड़ा निवासी सुरजीत कुशवाहा ने बताया कि रविवार सुबह जब वह अपने बेटे यश को देखने गए, तो उसमें कोई हलचल नहीं दिखी। उन्होंने तुरंत डॉक्टर को इसकी जानकारी दी। सुरजीत के अनुसार, डॉक्टर ने बच्चे को जीवित बताया, लेकिन उन्हें यकीन था कि यश की मौत हो चुकी है। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। यश कुशवाहा लंबे समय से पीलिया और बुखार से पीड़ित था। पहले गांव में इलाज कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर शुक्रवार को उसे फर्रुखाबाद के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यहां बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया था। शनिवार को डॉक्टरों ने परिवार को बताया था कि बच्चे की हालत में सुधार हो रहा है और वह जल्द ही होश में आ जाएगा।
रविवार सुबह करीब 5 बजे सुरजीत ने यश में कोई हलचल नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने चिकित्सक को बताया, तो उन्होंने कहा कि बच्चा जीवित है और उसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसके बाद सुरजीत ने डायल 112 पुलिस को बुलाया। पुलिस की मदद से बच्चे को सुबह करीब 9:30 बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। लोहिया अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने यश कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।



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