कुंदन पाल | ललितपुर3 मिनट पहले
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आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों ने सोमवार को ललितपुर में प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षाविद सोनम वांगचुक के साथ हुए कथित पुलिस दुर्व्यवहार और NEET पेपर लीक मामले के विरोध में किया गया।
AAP के जिला अध्यक्ष हरदयाल लोधी के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे।
उनकी मुख्य मांग NEET पेपर लीक मामले में छात्रों को न्याय दिलाना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था। लोधी ने बताया कि 18 जुलाई को पुलिस ने जंतर-मंतर को घेर लिया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 20 जुलाई को संसद सत्र शुरू होने पर सोनम वांगचुक द्वारा घोषित ‘संसद मार्च’ को रोकने के लिए की गई। लोधी ने कहा कि लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया गया, ताकि इस आंदोलन को खत्म किया जा सके। इस दौरान कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज तथा जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाएं और युवाओं के लिए रोजगार के पक्के अवसर सुनिश्चित करने हेतु ठोस नीतियां बनाई जाएं। उन्होंने जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की भी मांग की।
