वायनाड4 घंटे पहले
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सिर पर हेयर नेट पहने प्रियंका ने यूनिट में बने केक पर आइसिंग की।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा गुरुवार को केरल के वायनाड दौरे पर थीं। इस दौरान उन्होंने KINFRA पार्क की एक बेकिंग यूनिट में केक बनाया और कपकेक बनाने की कोशिश की।
प्रियंका ने सिर पर हेयर नेट पहनकर केक पर आइसिंग की। इस दौरान वहां मौजूद शेफ और कर्मचारियों ने उन्हें बेकिंग के बारे में बताया।
इस दौरान वे कल्लूूर, नूलपुझा के राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल भी गईं। जहां उन्होंने छात्रों के साथ ट्रेडीशनल डांस किया।
प्रियंका ने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि 12 साल की उम्र से उन्होंने और भाई राहुल गांधी ने घर पर रहकर पढ़ाई की।
प्रियंका ने बताया कि दादी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। वे स्कूल की पढ़ाई पूरी होने तक घर पर ही पढ़ती रहीं।
वायनाड दौरे की तस्वीरें…

प्रियंका ने दुपट्टे को मोटे रस्से की तरह कंधों पर लपेटा और छात्रों के साथ कदम मिलाने की कोशिश की।

केरल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की बेकरी में काम करने वाले कर्मचारियों ने प्रियंका के साथ फोटो खिंचवाए।

प्रियंका कल्पेट्टा में UDF की बैठक में भी शामिल हुईं। उन्होंने किसानों से ऑर्गेनिक खेती के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।

प्रियंका सुल्तान बथेरी के राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में छात्रों के बीच पहुंची।

स्कूल के NCC कैडेट्स से गार्ड ऑफ ऑनर मिला और उन्होंने उनके, अन्य छात्रों और संस्थान के कर्मचारियों के साथ तस्वीरें और सेल्फी लीं।
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बदली जिंदगी
प्रियंका ने कहा, “आपने इंदिरा गांधी के बारे में सुना है? वह मेरी दादी थीं। हम एक ही घर में रहते थे। वहीं उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद मैं स्कूल नहीं गई।”
प्रियंका ने बताया कि वह और राहुल गांधी अकेले घर पर पढ़ते थे। दोनों ज्यादा बाहर नहीं जा सकते थे और उनके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे।
प्रियंका ने छात्र से कहा कि वह बाहर जा पाती है, घूम पाती है और अपनी जिंदगी का आनंद ले पाती है, यह उसके लिए अच्छी बात है।
घर में काम करने वाली महिला को बताया रोल मॉडल
एक अन्य छात्र ने प्रियंका से उनके रोल मॉडल के बारे में पूछा। कांग्रेस सांसद ने बताया कि उनकी रोल मॉडल वह महिला हैं, जो उनके घर में तब से काम कर रही हैं, जब उनके बच्चे 3 महीने के थे।
प्रियंका ने कहा कि वह महिला मजबूत हैं। उन्होंने कई मुश्किलों के बावजूद उनके घर में दिन-रात काम किया है। वे उनके बच्चों की मां की तरह देखभाल करती हैं और उन्हें प्यार देती हैं।
प्रियंका बोलीं- 7वीं के बाद पढ़ाई कमजोर हुई
प्रियंका ने बताया कि 7वीं क्लास तक वे अच्छी स्टूडेंट थीं। इसके बाद उनका पढ़ाई में प्रदर्शन कमजोर हो गया था। बाद में इसमें सुधार हुआ। छात्रों के सवालों के जवाब में उन्होंने अपने पसंदीदा विषय भी बताए। उन्होंने कहा कि उन्हें फिजिक्स, मैथ्स और बायोलॉजी पसंद था। प्रियंका ने कहा, “मैं बायोलॉजी में अच्छी थी, लेकिन गणित में नहीं।”
वायनाड में आदिवासी यूनिवर्सिटी का सपना
प्रियंका ने कहा कि केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली UDF सरकार की पहलों में वायनाड में आदिवासी यूनिवर्सिटी बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद आदिवासी बच्चों को अवसर देना और उनकी संस्कृति और विरासत को बचाए रखना है।
प्रियंका ने कहा, “हमारा सपना है कि इस यूनिवर्सिटी में दुनिया में उपलब्ध सबसे अच्छे अवसर मिलें। आप आधुनिक और बेहतरीन माहौल में पढ़ें।”
प्रियंका ने कहा कि यह एक अनोखी यूनिवर्सिटी होगी। इसमें आदिवासी समुदायों से भी शिक्षक आएंगे, इससे छात्र अपनी परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों को समझ सकेंगे। वे उनका सम्मान करना और उनसे सीखना भी जानेंगे।
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215 कुलपतियों-शिक्षाविदों ने प्रियंका को चिट्ठी लिखी:कहा- मतभेद भले हों, लेकिन मजाक न उड़ाएं; मद्रास IIT डायरेक्टर को गोमूत्र विशेषज्ञ कहा था

IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटि को गोमूत्र विशेषज्ञ कहने के विरोध में देशभर के 215 मौजूदा और पूर्व कुलपतियों, शिक्षाविदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखी है। पूरा विवाद एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका के बयान पर हुआ था।
उन्होंने कहा था- सरकार की बनाई नई कमेटी में एक्स-IB चीफ, IT कंपनी के मालिक और गोमूत्र के विशेषज्ञ हैं। गोमूत्र विशेषज्ञ को शिक्षा के बारे में क्या पता होगा। पढ़ें पूरी खबर…
