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जेन जी (Gen-Z) श्रद्धालु सावन के तीसरे सोमवार पर नाथ नगरी बरेली में हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा को देखकर पूरी तरह योगी सरकार के मुरीद हो गए। जहां एक तरफ देश भर में युवा वर्ग अलग-अलग मुद्दों पर मुखर रहता है, वहीं बरेली के मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे जेन जी युवाओं में आस्था और सरकार की व्यवस्था के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। फूलों की बारिश होते ही युवाओं ने हाथ उठाकर ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ और ‘हर-हर योगी, घर-घर योगी’ के जोरदार नारे लगाए। युवाओं ने खुलकर कहा कि जिस भव्यता से शिव भक्तों का सम्मान किया गया है, उससे वे बेहद प्रभावित हैं और वे चाहते हैं कि अगली बार भी योगी आदित्यनाथ ही उत्तर प्रदेश की कमान संभालें। अलखनाथ मंदिर में युवाओं का दिखा अनोखा उत्साह
किला क्षेत्र स्थित प्राचीन और सुप्रसिद्ध श्री अलखनाथ मंदिर में सुबह से ही जेन जी श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का तांता लगा हुआ था। जैसे ही प्रशासनिक हेलीकॉप्टर ने मंदिर के ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश शुरू की, परिसर में मौजूद युवा खुशी से झूम उठे। आधुनिक पीढ़ी के इन युवाओं का कहना था कि धार्मिक परंपराओं और शिवभक्तों के स्वागत का यह अंदाज दिल छू लेने वाला है। बम-बम भोले के जयकारों के साथ युवाओं ने योगी-मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए और कहा कि आज के दौर में सनातन संस्कृति का ऐसा सम्मान देखकर गर्व की अनुभूति होती है। सातों नाथ मंदिरों से कछला घाट तक 20 कुंतल फूलों की बारिश
प्रशासन के मुताबिक सावन के तीसरे सोमवार पर करीब 15 लाख कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बरेली के अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, बनखंडी नाथ, मढ़ीनाथ, पशुपतिनाथ, तपेश्वर नाथ और धोपेश्वर नाथ मंदिर में 20 कुंतल फूलों की वर्षा की गई। इसके अलावा रामगंगा तट और बदायूं रोड से लेकर कछला गंगा घाट तक हेलीकॉप्टर से लगातार पंखुड़ियां बरसाई गईं। कछला घाट पर कांवड़ियों का विशाल जनसैलाब उमड़ा हुआ था, जहां पुष्पवर्षा होते ही पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए शिविरों में शानदार इंतजाम
कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन से लेकर हाइवे और प्रमुख मार्गों पर आलीशान शिविर लगाए गए। शिविरों में श्रद्धालुओं के विश्राम, खान-पान, सुरक्षा और 24 घंटे मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग ठहरने और शौचालयों का पुख्ता प्रबंध रहा। चप्पे-चप्पे पर गूंजते भजनों और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच जेन जी श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
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