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नई दिल्ली31 मिनट पहले

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चुनाव आयोग ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले जेन अल्फा और जेन-जी (Gen-Z) तक पहुंचने की कोशिशें फिर शुरू की हैं। आयोग का मकसद उन्हें जागरूक वोटर बनाना है, जो चुनावी प्रक्रिया से अच्छी तरह परिचित हों और भविष्य में लोगों को जागरूक करने वाले अभियानों की अगुआई कर सकें।

आयोग के नए अभियान में देश की 4,123 विधानसभा सीटों के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को जोड़ा जाएगा। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली बच्चों के साथ कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स शामिल होंगे।

हर सीट पर 10 साक्षरता क्लब बनाए जाएंगे

आयोग 50 हजार चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) बनाने की योजना पर काम कर रहा है। हर विधानसभा सीट में ऐसे 10 क्लब बनाए जाएंगे।

इसके लिए आयोग 15 लाख स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों से संपर्क करेगा। इसके अलावा 70 हजार कॉलेजों और 1,400 यूनिवर्सिटी तक भी पहुंच बनाई जाएगी।

2018 में शुरू हुए थे ईएलसी

चुनावी साक्षरता क्लब 2018 में सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन (एसवीईईपी) कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए थे। इनका मकसद छात्रों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका व कामकाज से परिचित कराना था।

डिजिटल तरीके से लगातार जुड़ने पर जोर

आयोग के मुताबिक, कम्युनिकेशन का तरीका तेजी से बदल रहा है और लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। युवा मतदाताओं और जमीनी स्तर से जुड़े लोगों के साथ लगातार, व्यवस्थित और सीधे संपर्क की जरूरत को देखते हुए ईएलसी 2.0 की योजना बनाई गई है।

ईएलसी 2.0 में इन क्लबों को डिजिटल सुविधाओं से लैस, व्यवस्थित और लगातार जुड़े रहने वाले ढांचे के तौर पर फिर से तैयार किया जाएगा।

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