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एसएन मेडिकल कॉलेज के सरकारी वार्ड में मरीजों से ECG के नाम पर कथित रूप से निजी तौर पर पैसे वसूले जाने के वायरल वीडियो मामले में अब कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई की है। मामले को लेकर उठे सवालों के बीच एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने स्वीकार किया है कि इस प्रकरण में लापरवाही हुई है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर को 15 दिनों के लिए क्लिनिकल रूप से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि संबंधित विभाग को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। प्राचार्य प्रशांत गुप्ता ने कहा कि इस अवधि में सस्पेंड किए गए जूनियर डॉक्टर मरीजों को नहीं देख सकेंगे। साथ ही विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। प्राचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में ECG की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पर्याप्त संख्या में ECG मशीनें मौजूद हैं और मरीजों को जांच के लिए किसी बाहरी व्यक्ति की जरूरत नहीं है। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति अस्पताल परिसर या वार्ड में आकर ECG या किसी अन्य जांच के नाम पर पैसे मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या एसएन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दी जाए। मरीज किसी भी तरह की अवैध वसूली का शिकार न हों और ऐसी स्थिति में तत्काल शिकायत करें। बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में आरोप लगाया गया था कि एसएन मेडिकल कॉलेज की नई सर्जरी बिल्डिंग के हड्डी रोग विभाग के वार्ड में एक कथित निजी कर्मचारी मरीजों से ECG कराने के नाम पर 300-300 रुपये ले रहा था। जबकि मेडिकल कॉलेज में ECG की निर्धारित सरकारी फीस 68 रुपये बताई गई है। वीडियो में रिकॉर्डिंग कर रहे व्यक्ति ने ECG कर रहे युवक से उसका नाम पूछा था, लेकिन उसने नाम बताने से इनकार कर दिया। वीडियो बनाने वाले का दावा था कि उक्त व्यक्ति खुद को प्राइवेट कर्मचारी बता रहा था और वार्ड में भर्ती मरीजों से ECG के लिए पैसे लिए जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे कि आखिर कोई बाहरी व्यक्ति सरकारी वार्ड तक कैसे पहुंचा और मरीजों से जांच के नाम पर पैसे कैसे लेता रहा। इस मामले में पहले संबंधित विभाग की ओर से कहा गया था कि वीडियो में ECG करते दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान विभाग नहीं कर पा रहा है और उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं अब एसएन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मामले में गलती स्वीकार करते हुए कार्रवाई की जानकारी दी है। प्राचार्य ने कहा कि मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना कॉलेज की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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