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हरदोई जनपद में शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित नगर निकाय एवं डूडा की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी प्रस्तावित विकास कार्यों के टेंडर 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बैठक सोमवार की शाम 5:30 बजे आयोजित की गई। जो करीब एक घंटे तक चली। बैठक की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के विकास कार्यों की समीक्षा के साथ हुई। जिलाधिकारी ने भविष्य की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए तत्काल टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बारिश में जलभराव से निपटने के लिए जल निकासी के कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया। दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। कान्हा गौशाला के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान जिन निकायों की प्रगति पचास प्रतिशत से कम पाई गई, जिलाधिकारी ने उन पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि रेहड़ी-पटरी तथा फुटपाथ विक्रेताओं को इस योजना से जोड़कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। बैठक के समापन पर अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपाली भार्गव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रफुल्ल त्रिपाठी, सभी उपजिलाधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
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