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मोबाइल खोने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद अक्सर लोग छोड़ देते हैं, लेकिन बरेली पुलिस की सर्विलांस और साइबर टीम लगातार इस धारणा को बदल रही है। सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइंस स्थित रविन्द्रालय में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने जून म

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जून में चला विशेष अभियान, 466 मोबाइल हुए बरामद एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत सर्विलांस सेल, साइबर टीम और विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। आधुनिक तकनीक और सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल ट्रैक किए गए और उन्हें बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया गया। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने बरेली पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ फोन दोबारा मिल पाएगा।

डेढ़ साल में 11.43 करोड़ के 5725 मोबाइल रिकवर बरेली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच कुल 5725 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 11.43 करोड़ रुपये है। लगातार हो रही रिकवरी से यह अभियान जिले में पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

साइबर और सर्विलांस टीम की तकनीकी मेहनत लाई रंग पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस सफलता के पीछे जनपद के विभिन्न थानों पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों, साइबर टीम और जनपदीय सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्यप्रणाली रही। टीम ने सीईआईआर पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें बरामद किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी हुए सम्मानित मोबाइल रिकवरी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली थाना प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, इज्जतनगर, मीरगंज, सिरौली, शाही, आंवला, विशारतगंज, भमोरा, अलीगंज, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, बहेड़ी, देवरनिया, शेरगढ़, हाफिजगंज और क्योलड़िया की साइबर टीमों के पुलिसकर्मियों को एसएसपी की ओर से एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे आगे भी इसी तरह जनसेवा के लिए प्रेरित रहेंगे।

क्या है CEIR पोर्टल और कैसे करता है मदद? सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) का आधिकारिक पोर्टल है। इसका उद्देश्य गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करना, ट्रैक करना और उनके दुरुपयोग को रोकना है। मोबाइल गुम होने पर उसके IMEI नंबर को पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक कर दिया जाता है। इसके बाद यदि कोई व्यक्ति उस फोन में नया सिम लगाकर इस्तेमाल करने की कोशिश करता है तो सिस्टम अलर्ट जनरेट करता है, जिससे पुलिस सर्विलांस टीम फोन की लोकेशन ट्रैक कर उसे बरामद करने की कार्रवाई करती है।

पुलिस की लोगों से अपील बरेली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कर दें। समय पर शिकायत और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने से मोबाइल बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने कहा कि बरेली पुलिस आम लोगों की गुम हुई संपत्ति उन्हें वापस दिलाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि जून माह में सर्विलांस सेल, साइबर टीम और विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों के संयुक्त प्रयास से 466 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 93 लाख रुपये है। सोमवार को इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया।

उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 से जून 2026 तक बरेली पुलिस कुल 5725 मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11.43 करोड़ रुपये है। यह सफलता आधुनिक तकनीक, सीईआईआर पोर्टल और पुलिस टीमों की लगातार मेहनत का परिणाम है।

एसपी ट्रैफिक ने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल गुम या चोरी हो जाए तो वह तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कर दें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल ट्रैक करने और उसे बरामद कर वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में काफी मदद मिलती है।



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