Sorting by

×




गाजियाबाद में 4 जुलाई की देर रात 2 बजे कोतवाली क्षेत्र से चलती कार में भ्रूण लिंग की जांच करने वाले गैंग के 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का सरगना 12वीं पास अस्पताल संचालक है। इस गैंग के पास पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण और एक अर्टिगा कार मिली। सभी आरोपियों को रविवार रात साढ़े 9 बजे जेल भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को चीन से नेपाल के रास्ते मंगाई थी। वे हिंदू महिलाओं को गुमराह कर गर्भपात करवाते थे। गर्भ में लड़का होने पर भी हिंदू महिलाओं को लड़की होने की जानकारी देते थे, ताकि वह अबॉर्शन करा सकें। महिला हिंदू है या मुस्लिम। इसका पता लगवाने के लिए गैंग के लोग वाट्सएप पर आधार कार्ड मंगवाते थे। यह गैंग कैसे हिंदू महिलाओं को फंसाता बनाता था? कितने पैसे लेते थे? पढ़िए रिपोर्ट… गर्भ में लड़की होने की जानकारी मिलने पर हिंदू महिलाएं करवा लेती थी अबॉर्शन पुलिस ने बागपत के रहने वाला संदीप (35), हापुड़ के रहने वाले सलमान (32), गाजियाबाद निवासी शाहिद (29) और बुलंदशहर निवासी तस्लीम (27) को 4 जुलाई को गाजियाबाद में पकड़ा था। इस गैंग का मास्टर माइंड 12वीं पास संदीप है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गर्भ में लड़का है या लड़की है, यह मुस्लिम महिलाओं के लिए मैटर नहीं करता था। वो बस जांच करवाती थीं। मगर गर्भपात नहीं करवाती थीं। लेकिन हिंदू महिलाएं लड़की होने पर गर्भपात को तैयार हो जाती थीं। महिला हिंदू है या मुस्लिम यह पता करने के लिए हम लोगों उससे आधार कार्ड मांगते थे। आधार कार्ड से हम लोग उसके धर्म की पहचान करते थे। हिंदू महिलाओं के गर्भ में लड़का होने पर भी लड़की बता कर उसे गर्भपात करवाने के लिए ऑप्शन देते थे। जब वह तैयार हो जाती थी तो उसे साईं अस्पताल में ले जाकर उसका गर्भपात करवा देते थे। इसके लिए 8 से 10 हजार रुपए वसूले जाते थे। उनका गैंग मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड की करीब 500 महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच कर चुका है। अनमैरिड लड़कियों का भी किया अबॉर्शन पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस गैंग के संर्पक में अनमैरिड लड़कियां भी थीं। जून माह में दिल्ली की एक अन मैरिड लड़की ने गर्भपात कराया था। जहां आरोपियों ने अनमैरिड लड़की से गर्भपात के 40 हजार रुपये वसूले थे। इससे पहले भी कई केस में अनमैरिड लड़कियां भी आती जाती थीं, लेकिन उनसे सामान्य महिलाओं से 2 गुने से अधिक पैसे वसूलते थे। बदनामी के डर से यह लड़कियां अधिक पैसा देती थीं। 6 जनवरी 2025 को पकड़ा गया था संदीप गाजियाबाद के टीलामोड़ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 6 जनवरी 2025 को भी 8 लोगों को अरेस्ट किया था। इस गैंग में भी सरगरना संदीप पुत्र नरेशा था। जहां पुलिस ने संदीप, वरुण, कपिल, प्रमोद बैसला, सुमित कुमार, सोनू,विजय और राहुल कौशिक के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस की एफआईआर के अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम की एक उच्च परिवार से सम्बंध रखने वाली महिला गाजियाबाद के टीलामोड़ में भ्रूण लिंग की जांच कराने आई थी। इस महिला से 15 हजार रुपये लिए थे। जिसमें संदीप और दलाल सोनू महिला को एक कोठी में लेकर पहुंचे थे। जिसके बाद पुलिस ने अलग अलग स्थानों से 8 आरोपियों पर केस दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। ऐसे पकड़ा गया गैंग पुलिस के मुताबिक शनिवार को 2 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण करने के बाद आरोपी महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास एक अन्य महिला का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने छापा मारकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण और अर्टिगा कार बरामद की गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल में दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बागपत और बुलंदशहर समेत एनसीआर में करीब 500 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कराया। इनमें से 100 से अधिक महिलाओं का गर्भपात भी कराया गया। अब पढ़िए कैसे ऑपरेट करता था गैंग… गिरोह ने भ्रूण लिंग जांच के लिए पूरी गोपनीय व्यवस्था बना रखी थी। सबसे पहले जिस महिला को भ्रूण लिंग जांच करानी होती थी, उससे फोन पर 10 हजार रुपए में डील होती थी। उसे बताया जाता था कि अस्पताल आने की जरूरत नहीं है, बल्कि तय स्थान पर कार में बैठना होगा। कार के अंदर ही पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जाएगा। अगर कोई महिला गर्भपात कराना चाहती थी, तो उसे रात के समय लोनी इलाके के एक अस्पताल में ले जाते थे। इसके बारे में महिला को पहले से कोई जानकारी नहीं देते थे। महिलाओं को किसी पुरुष को साथ लाने की अनुमति नहीं थी। कार में बैठने से पहले उनका मोबाइल बंद कर अपने पास रख लिया जाता था। गिरोह पहले 4 से 5 दिन तक महिला के बारे में पूरी जानकारी जुटाता था, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह पुलिस या किसी अन्य सरकारी एजेंसी के संपर्क में नहीं है। जांच करा चुकी महिलाएं बाद में दूसरी महिलाओं को भी इस गिरोह तक पहुंचाती थीं। इसी तरीके से इस गैंग ने अपना नेटवर्क खड़ा किया था। ये खबर भी पढ़ें… शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी होगा:1.60 लाख होमगार्ड्स का कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट से 28 प्रस्ताव पास
लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में सोमवार सुबह 10 बजे कैबिनेट बैठक हुई। इसमें 28 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें तीन प्रमुख प्रस्ताव हैं। पहला- यूपी के होमगार्ड्स और उनके परिवार के लिए अब 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *