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सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में 20 किलो चांदी तय रेट पर देने का झांसा देकर दो लाख रुपए एडवांस ले लिए। बाद में चांदी नहीं दी और विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 6 जुलाई की शाम दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थाना सदर बाजार क्षेत्र के पंजाबी बाग निवासी हंसराज वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि वह अपने बेटे लवी वर्मा के साथ हकीकत नगर के बड़ा चौक पर राधा स्वामी ज्वैलर्स के नाम से सोने-चांदी का कारोबार करते हैं। उनका कहना है कि लक्ष्मी मार्केट, सर्राफा बाजार निवासी उमेश और उसके जीजा धनंजय चांदी की गलाई और स्टॉक का काम करते हैं। पुराने कारोबार के कारण दोनों के बीच पहले से पहचान और विश्वास था। हंसराज के अनुसार, 11 अक्टूबर 2025 को दोनों उनकी दुकान पर पहुंचे और बताया कि उनके पास चांदी का स्टॉक है। उन्होंने 1 लाख 69 हजार 700 रुपए प्रति किलो की दर से 20 किलो चांदी देने का प्रस्ताव रखा। आरोपियों ने कहा कि अगले तीन-चार माह तक जरूरत के अनुसार जितनी चांदी चाहिए, उतनी इसी तय रेट पर लेते रहना। इस भरोसे के बाद उन्होंने अन्य जगह से चांदी बुक नहीं कराई। उन्होंने गया है कि आरोपियों ने सौदा पक्का करने के लिए दो लाख रुपए एडवांस मांगे। इस पर 12 अक्टूबर 2025 को हंसराज ने उन्हें दो लाख रुपए नकद दे दिए। आरोप है कि उमेश ने एडवांस लेने की लिखित पर्ची भी दी और कहा कि 20 किलो चांदी पूरी होने पर यह रकम समायोजित कर दी जाएगी। हंसराज का आरोप है कि तय अवधि के भीतर आरोपियों ने चांदी नहीं दी और लगातार बहाने बनाते रहे। इसके कारण उन्हें अपने ग्राहकों के ऑर्डर रद्द करने पड़े, जिससे कारोबार की साख प्रभावित हुई और लाखों रुपए का नुकसान हुआ। मामले को लेकर मई 2026 में पंचायत भी बुलाई गई। हंसराज के मुताबिक पंचायत में हिमांशु कपिल उर्फ बंटी, गोविंद शर्मा और सच्चू समेत अन्य लोग मौजूद थे। पंचायत के दौरान सुरक्षा के नाम पर उनसे कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। अरोप है कि इसके बाद जब वह पंचों के साथ आरोपियों से दोबारा बात करने पहुंचे तो शाम करीब साढ़े छह बजे आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। साथ ही चांदी देने या नुकसान की भरपाई करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उन्होंने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। हंसराज ने पुलिस को बताया कि आरोपियों की शुरुआत से ही नीयत धोखाधड़ी की थी। यदि वे झूठा भरोसा नहीं दिलाते तो वह उन्हें दो लाख रुपए एडवांस नहीं देते। पुलिस ने हंसराज वर्मा की तहरीर के आधार पर 6 जुलाई की शाम सदर बाजार थाने में उमेश और धनंजय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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