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बाराबंकी में सावन माह के पहले सोमवार पर प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थस्थल श्री लोधेश्वर महादेवा धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के महाआरती के बाद जैसे ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए मंदिर के कपाट खोले गए, पूरा धाम ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और कांवड़ लेकर धाम पहुंचे। कांवड़ियों के जत्थे पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते रहे। मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि लोधेश्वर महादेवा धाम का विशेष पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान धर्मराज युधिष्ठिर ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सावन के पहले सोमवार को यहां विधि-विधान से जलाभिषेक करने पर भगवान शिव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला परिसर और गर्भगृह में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारु रूप से दर्शन कराए जा सकें। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सावन के पहले सोमवार पर लोधेश्वर महादेवा धाम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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