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उन्नाव में सरकारी सेवा के दौरान सक्रिय रूप से वकालत करने के आरोपों में एक खेल एवं स्वास्थ्य शिक्षा अनुदेशक की विभागीय जांच शुरू हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को आरोपों की बिंदुवार जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मामला विकासखंड बिछिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय दुआ में तैनात खेल एवं स्वास्थ्य शिक्षा अनुदेशक अमित द्विवेदी से जुड़ा है। लखनऊ निवासी शिकायतकर्ता भूपेन्द्र सिंह पुन्न नरेश ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि अमित द्विवेदी उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हैं और सरकारी सेवा में रहते हुए उन्नाव की विभिन्न अदालतों में नियमित रूप से मुकदमों की पैरवी कर रहे हैं। शिकायत में सेवा नियमों के उल्लंघन का दावा शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी कर्मचारी रहते हुए अधिवक्ता के रूप में सक्रिय रहना सेवा नियमों और बार काउंसिल के प्रावधानों का उल्लंघन है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में पहले भी विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि अनुदेशक सरकारी सेवा के दौरान किसी अन्य व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं रह सकते। दो सदस्यीय समिति करेगी बिंदुवार जांच मामले को गंभीर मानते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद बीएसए शैलेश कुमार पाण्डेय ने खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी हसनगंज को शामिल करते हुए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बिंदुवार जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर होगा अगला फैसला बीएसए शैलेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग ने जांच पूरी होने तक मामले पर कोई अंतिम टिप्पणी करने से इनकार किया है।
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