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प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर विपक्ष पर हमलावर नजर आए। गोरखपुर के सर्किट हाउस में रविवार की शाम 7:30 बजे पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार हार से इस कदर फ्रस्ट्रेशन में है। सत्ता पाने की छटपटाहट इतनी है कि वे दंगों के माध्यम से फ्रस्ट्रेशन निकालना चाहते हैं। अनिल राजभर रविवार की शाम शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। छात्रों के आंदोलन को विपक्ष से मिले समर्थन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसके दो पहलू हैं। एक तो छात्रों का जो आंदोलन था, उनकी भवानाओं का सम्मान करते हुए उनकी मांगों को माना गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है और उसी के साथ बात खत्म हो चुकी है। लेकिन जो आपदा में अवसर तलाश रहे हैं, जो चुनाव में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हरा नहीं पा रहे, जिन लोगों को भारत का विकास पच नहीं रहा है, ऐसे लोग चारो तरफ दंगा कराना चाहते हैं। यही उनकी मानसिकता है।
उनको आंदोलन का खत्म होना अच्छा नहीं लगा इसलिए वे फिर वेष बदलकर यह करने की कोशिश करेंगे। वे उत्तर प्रदेश में आंदोलन की बात कर रहे हैं, करें आंदोलन। उनको देश-प्रदेश के विकास से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि ये पूरा प्रतिपक्ष बेशर्म है। 2012 से 2017 तक सपा सरकार में इतने पर्चे लीक हुए। यहां तक कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट के आदेश में हटाना पड़ा। शिक्षा को मजाक बनाके रख दिया था। उत्तर प्रदेश का बच्चा-बच्चा इस बात को जानता है। आज वही लोग शिक्षा की बात कर रहे हैं। ददेश की जनता सबकुछ बहुत अच्छे से जानती है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आंदोलन हो गया। सोमवार को जब संसद बैठेगी तो प्रतिपक्ष का असली चेहरा दिखेगा। ये शिक्षा में सुधार के लिए छात्रों का समर्थन करने जंतर-मंतर गए थे। वे देश को कमजोर करना चाहते हें। कल सदन में विधायक आ रहा है। देखिए विपक्ष चर्चा में भाग लेता है या मैदान छोड़कर भाग जाता है। कल दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा। प्रतिपक्ष पूरी तरह बेनकाब हो जाएगा।
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