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कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में कृषि भूमि पर कब्जे के विवाद ने तूल पकड़ लिया। खेत पर बटाईदार को भेजने पहुंचे सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी एवं अधिवक्ता को कथित रूप से खेत में जाने से रोकते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि आरोपियों ने खेत में प्रवेश कराने के बदले पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी और विरोध करने पर उनकी कार में लोहे की रॉड से तोड़फोड़ कर दी। मामले में पुलिस ने चार नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्यामनगर निवासी प्रदीप कुमार वर्मा, जो भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में कानपुर न्यायालय में अधिवक्ता हैं, ने सचेंडी पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी माया वर्मा के नाम उदयपुर गांव में कृषि भूमि है। आरोप है कि 30 अप्रैल को वह खेत को बटाई पर देने के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान दीपक यादव, शिव कैलाश यादव, संजय सिंह, मंगल सिंह तथा दो अज्ञात लोगों ने उन्हें खेत पर जाने से रोक दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने दोबारा खेत पर आने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान आरोपी संजय सिंह ने खेत में प्रवेश कराने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने लोहे की रॉड से उनकी कार के शीशे तोड़ दिए और दुबारा विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद अधिवक्ता ने सचेंडी थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी है तथा आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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