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झांसी के सीपरी बाजार की पुरानी सब्जी मंडी को खाली कराने की चेतावनी के बाद शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे सैकड़ों सब्जी विक्रेता पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के साथ नगर निगम पहुंच गए। यहां उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दशकों पुरानी मंडी को हटाने का विरोध जताया। 3 तस्वीरों में देखिए प्रदर्शन… सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सीपरी बाजार स्थित मंडी में वह लोग करीब 70 वर्षों से अपनी दुकानें चला रहे हैं, लेकिन अब यहां मल्टी स्टोरी और मल्टी पर्पज शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के नाम पर उन्हें हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि शुक्रवार को भी नगर निगम कर्मियों ने मंडी खाली करने की अंतिम चेतावनी देकर उन्हें धमकाया। अब पूरा मामला विस्तार से समझिए… सीपरी बाजार की सुभाष मार्केट के पीछे कई दशक पुरानी सब्जी मंडी संचालित हो रही है, जहां सब्जी विक्रेता टाट और टीन शेड के नीचे बैठकर कारोबार करते हैं। नगर निगम इसी स्थान पर मल्टी स्टोरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण करा रहा है, जिसके चलते कुछ दुकानदारों को अस्थायी रूप से हटाया जा रहा है।
शुक्रवार दोपहर नगर निगम का अतिक्रमण निरोधी दस्ता दुकानें हटवाने पहुंचा था। इस दौरान दस्ते में शामिल एक कर्मचारी ने माइक से घोषणा करते हुए दुकानदारों को मंडी खाली करने की अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि समय रहते दुकानें नहीं हटाई गईं तो इसके बाद किसी प्रकार का समय नहीं दिया जाएगा, दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया जाएगा। चेतावनी सुनते ही सब्जी विक्रेताओं में आक्रोश फैल गया और उनकी नगर निगम कर्मियों से बहस हो गई। कर्मचारियों ने कहा कि वे केवल प्रशासनिक आदेशों का पालन कर रहे हैं और किसी भी आपत्ति के लिए अपर नगर आयुक्त से संपर्क किया जा सकता है। लामबंद होकर नगर निगम पहुंचे विक्रेता चेतावनी के बाद सब्जी विक्रेताओं ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और बड़ी संख्या में नगर निगम पहुंच गए। विक्रेताओं के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी वहां पहुंचे और उन्होंने दुकानदारों के साथ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व मंत्री और अपर आयुक्त की वार्ता से निकला समाधान प्रदीप जैन आदित्य ने अपर आयुक्त राहुल यादव से बातचीत करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में सब्जी विक्रेताओं को हटाना उचित नहीं होगा। यदि निर्माण कार्य के कारण उन्हें हटाना जरूरी है तो ऐसी जगह उपलब्ध कराई जाए जहां दुकानदार और ग्राहक बारिश से सुरक्षित रह सकें। इस पर अपर आयुक्त राहुल यादव ने फिलहाल सब्जी विक्रेताओं को रेलवे मालगोदाम की ओर जाने वाले मार्ग की पटरी पर दुकानें लगाने की अनुमति दे दी है। साथ ही आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य के दौरान उन्हें सीपरी पुल के नीचे सुरक्षित स्थान पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया जाएगा। बोले किसी का रोजगार प्रभावित नहीं होने देंगे। कॉम्प्लेक्स में मिलेंगी दुकानें नगर निगम के अनुसार पुरानी सब्जी मंडी में वर्तमान में 113 दुकानें संचालित हैं। अपर आयुक्त राहुल यादव ने बताया कि केवल उन्हीं दुकानों को हटाया जाएगा जो प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की जद में आ रही हैं। ऐसे सभी दुकानदारों को निर्माण पूरा होने के बाद कॉम्प्लेक्स में दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि अन्य दुकानें यथास्थान बनी रहेंगी। सब्जी विक्रेता बोले, हमें कॉम्प्लेक्स में दुकानें नहीं चाहिए सब्जी विक्रेता खेमचंद कुशवाहा ने कहा कि बहुमंजिला इमारत में उनकी दुकानें नहीं चल पाएंगी। उन्होंने कहा कि वे लोग पिछले 70 वर्षों से टपरा लगाकर ही व्यापार करते आ रहे हैं।
विक्रेता जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यदि नगर निगम मंडी का सौंदर्यीकरण करना चाहता है तो मौजूदा स्थान पर शेड और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दे। वहीं महिला विक्रेता धनवंती ने कहा कि वे रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं और यदि नई दुकानों का किराया वहन नहीं कर पाए तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदीप जैन बोले, धमकी नहीं चलेगी पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब तबके के लोगों का रोजगार छीनकर उन्हें खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी गरीब दुकानदारों को बुलडोजर कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं।
इस संबंध में अपर आयुक्त से बातचीत हुई है और यह आश्वासन मिला है कि किसी भी दुकानदार को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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