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माफिया अतीक और अशरफ से जुड़ी जमीनों को बेचने, कुर्क जमीन की प्लाटिंग करने देने के मामले में की जांच एसआईटी कर रही है। अतीक से जुड़ी जमीनों को बेचने का मामला शासन तक पहुंचा था। विधायक पूजा पाल ने इसे लेकर शिकायत की थी। एसआईटी लगातार किसानों और अतीक से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक साफ नहीं हो सका है कि अतीक की कुर्क जमीनें बेची गई हैं। शुक्रवार को इस मामले पर डीएम मनीष वर्मा ने कहा कि कुर्क जमीन बेच देने के साक्ष्य नहीं मिले। सरकारी जमीनों को बेचने के मामले में एक्शन लिया जा रहा है। एसआईटी जांच और पूछताछ कर रही है। डीएम ने कहा कि कुछ सरकारी जमीनों को बेचने, प्लाटिंग करने के मामले सामने आए। ऐसे भू माफियाओं पर कार्रवाई की तैयारी है। जांच टीम सारे साक्ष्य जुटा रही है। जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। जानिये क्या है मामला प्रयागराज में अतीक, अशरफ और गैंग मेंबरों की जमीनों को बेचने का मामला हमेशा ही सामने आता रहा है। इस बार माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के गुर्गों द्वारा कुर्क की गई करीब 50 करोड़ रुपये की जमीन (25 बीघा) बेचे जाने के मामले में एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। यह जमीन शहर पश्चिमी के शाहा (पीपल गांव) इलाके में स्थित है। कौशाम्बी की चायल विधायक पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस अवैध बिक्री की शिकायत की थी। इसके बाद प्रयागराज प्रशासन ने एसआईटी का गठन किया। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कुर्क की गई संपत्ति को किन भूमाफियाओं ने बेचा या फिर बेचने की तैयारी थी। प्रयागराज मंडल में 58 नए भू माफिया प्रयागराज मंडल में सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंडल भर में 58 नए भू-माफिया को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार कर ली गई है। इसके लिए एक से 30 जून तक अभियान चलाया गया था। इन चिन्हित माफिया में न केवल नए चेहरे बल्कि कुख्यात अतीक अहमद के नेटवर्क से जुड़े गुर्गों और उनके सहयोगियों के भी शामिल हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक मंडल के चारों जिलों में कौशाम्बी भू-माफियाओं का सबसे बड़ा गढ़ बनकर उभरा है, जहाँ अकेले 21 माफिया चिह्नित किए गए हैं। इसके बाद प्रयागराज में 18, प्रतापगढ़ में 15 और फतेहपुर में 4 भू-माफियाओं को सूचीबद्ध किया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि प्रशासन इन सभी पर गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि अतीक अहमद के पुराने नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग अभी भी जमीनों पर अवैध कब्जे के पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं, जिन्हें अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान की प्रगति पर जोर देते हुए मंडलायुक्त ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालयों में लंबित 63 मामलों में से 27 का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि 21 मामलों को प्रभावी कानूनी कार्यवाही के लिए सीधे गैंगस्टर न्यायालय भेज दिया गया है। प्रशासन ने अब केवल कब्जेदारों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी और नजूल की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेचने वाले बिचौलियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।



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