मेरठ में बुधवार को ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। करीब 3 घंटे तक पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन
.
नेताओं का आरोप है कि पंचायत के दौरान उत्पन्न हालात को प्रशासन प्रभावी ढंग से संभालने में विफल रहा। उन्होंने कहा कि दलित समाज से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बरती जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर कई नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मामले का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव
भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है।जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की माँ के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे मुकेश सिद्वार्थ के पुत्र हिमांशु सिद्वार्थ ने अपने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि

हिमांशु सिद्वार्थ
दलितों पर अत्याचार करते हुए मेरठ पुलिस कप्तान अविनाश पांडे।तानाशाही भाजपा सरकार का दलित विरोधी रूप।

मेरठ के बड़े दलित नेता और पूर्व विधायक रहे योगेश वर्मा ने प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि

योगेश वर्मा
ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है।यदि न्याय की मांग कर रहे परिजनों और समाज के लोगों को अपनी बात रखने के बजाय बल प्रयोग का सामना करना पड़े, तो यह चिंता का विषय है। हमारी मांग है कि ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच हो, तत्काल कार्रवाई की जाए।लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। न्याय और संवेदनशीलता के साथ इस पूरे मामले का समाधान होना चाहिए।
