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नाला सफाई और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर कानपुर नगर निगम ने कार्रवाई की है। नगर आयुक्त के निर्देश पर जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद 10 फर्मों को ब्लैकलिस्ट और नाला सफाई व अन्य विकास कार्यों से जुड़ी आठ कार्यदायी संस्थाओं को डिबार कर दिया गया। नगर निगम ने साफ किया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वाली किसी भी संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। स्थलीय परीक्षण में मिली लापरवाही नगर निगम की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार शहर में नाला सफाई और विभिन्न विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। नगर आयुक्त के निर्देशन में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और अनुबंध की शर्तों के पालन की जांच की। परीक्षण के दौरान कई कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों में गंभीर लापरवाही, गुणवत्ता संबंधी कमियां और तकनीकी अनियमितताएं सामने आईं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 8 जुलाई शाम सात बजे कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। यह फर्में हुई ब्लैक लिस्ट नाला सफाई कार्यों में लापरवाही के आरोप में मैसर्स अशिका ट्रेडर्स, मैसर्स मां बालादेवी कांस्ट्रक्शन, मैसर्स तिवारी ऑटो सेल्स, मैसर्स अनमोल इंटरप्राइजेज, मैसर्स आद्रीका इंटरप्राइजेज, मैसर्स मां रामवती ट्रेडर्स, मैसर्स विनय कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, मैसर्स मां कालिका देवी कंस्ट्रक्शन, मैसर्स संजय शर्मा और मैसर्स एन.एन. इंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इनको किया गया डीबार इसके अलावा नाला सफाई कार्यों में लापरवाही के कारण मैसर्स एम.के. ट्रेडर्स, मैसर्स जी.एफ. इंटरप्राइजेज और मैसर्स कनक कंस्ट्रक्शन कंपनी को डिबार किया गया है। यह 06 महीने के लिए डीबार वहीं अन्य विकास कार्यों में लापरवाही मिलने पर मैसर्स प्रयान इंटरप्राइजेज, मैसर्स श्री सिद्धिनाथ कांस्ट्रो, मैसर्स यश इंटरप्राइजेज, मैसर्स कनक कांक्रीट और मैसर्स पैसिफिक इंटरप्राइजेज को छह महीने के लिए डिबार कर दिया गया है। नगर आयुक्त बोले लापरवाही बर्दाश्त नहीं नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि नगर निगम के विकास कार्यों और नाला सफाई में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया निर्माण या अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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