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अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अजय राय ने मंदिर विवाद पर कहा कि इस मामले का समाधान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि सत्य और निष्पक्ष जांच से ही संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि अगर सरकार मंदिर निर्माण का श्रेय लेती है, तो चढ़ावे में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी भी उसे स्वीकार करनी होगी। ‘राष्ट्रीय उपलब्धि बताया, तो अब मौन क्यों?’ प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक है। इस मंदिर का उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री के कर-कमलों से हुआ, जिसे सरकार ने एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में पेश किया। अजय राय ने सवाल उठाया, “जब मंदिर निर्माण का श्रेय आपकी सरकार ने स्वीकार किया है, तो इसके वित्तीय प्रबंधन और चढ़ावे से जुड़े गंभीर सवालों पर मौन क्यों हैं? लोकतंत्र में उपलब्धियों का श्रेय और संस्थागत जवाबदेही दोनों साथ-साथ चलते हैं।” मुख्यमंत्री योगी पर भी निशाना, ‘नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई’ अजय राय ने लिखा कि उन्होंने इसी विषय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी विस्तृत पत्र भेजा था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि मूल प्रश्नों का उत्तर देने के बजाय विपक्ष पर आरोप लगाने और ध्यान भटकाने में जुटे हैं, जिससे जनता के मन में संदेह और गहरा हो गया है। राय ने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश सरकार मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। अगर लंबे समय से ऐसे सवाल उठ रहे थे, तो समय रहते निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई? अजय राय ने पत्र में 5 प्रमुख बिंदु और मांगें रखी
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