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मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के एक रोड शो के दौरान भगवान बजरंगबली के स्वरूप के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का मामला अब मुजफ्फरनगर भी पहुंच गया है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस पूरे प्रकरण को बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मोर्चा ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मोर्चा का कहना है कि 5 जुलाई 2026 को लखनऊ में आयोजित रोड शो के दौरान बजरंगबली का स्वरूप धारण किए एक व्यक्ति के हाथ में भाजपा का झंडा देकर प्रस्तुति कराई गई। संगठन का आरोप है कि इस प्रकार धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर उपयोग सनातन धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र गौतम ने कहा कि किसी भी देवी-देवता या धार्मिक स्वरूप का चुनावी अथवा राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा देवी-देवताओं के स्वरूप या धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि इस प्रकार के विवाद दोबारा पैदा न हों। मोर्चा ने यह भी मांग की कि संबंधित प्रकरण पर भाजपा नेतृत्व सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करे। संगठन का कहना है कि धार्मिक आस्था किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर है और उसका सम्मान सभी को करना चाहिए। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आंदोलन करेगा।
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