Sorting by

×




जालौन के उरई शहर में अमृत योजना 2.0 के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही और सड़क खुदाई के बाद लोगों को हो रही परेशानी को लेकर बुधवार को उरई सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा का गुस्सा फूट पड़ा। शिकायत मिलने पर विधायक सुबह मैकेनिक नगर पहुंचे और मौके पर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चारों ओर खुदी हुई सड़कें, अधूरे पड़े कार्य और अव्यवस्था देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई। मौके पर ही विधायक ने जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी को फोन कर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सड़क खुदाई नहीं करने के स्पष्ट निर्देश पहले ही दिए गए थे, इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़कें खोद दी गई हैं। इतना ही नहीं, खुदाई के बाद उन्हें समय पर दुरुस्त भी नहीं कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि बरसात के दौरान खुदी हुई सड़कें लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। ऐसे में संबंधित विभाग को कार्यों की बेहतर योजना बनाकर जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक ने कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किए जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर तैनात कुछ मेट और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ कर्मचारी आम लोगों से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामले की शिकायत शासन स्तर तक भी भेजी जाएगी। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़कें खोदने के बाद लंबे समय तक खुली छोड़ दी जाती हैं, जिससे बारिश में कीचड़ भर जाता है और पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लोगों ने मांग की कि जितनी सड़क खोदी जाए, उसे उसी दिन या जल्द से जल्द भरकर समतल कराया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। जनसमस्याएं सुनने के बाद विधायक गौरी शंकर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरे कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि उन्हें परेशान करना। यदि कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *