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मेरठ में कलेक्ट्रेट के गेट के बाहर सड़क किनारे बैठकर प्रदर्शन करने वालों को पुलिस ने लाठियां मारकर भगाया। बुधवार को ललिता गौतम की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाने के लिए तमाम लोग पहुंचे। लोगों को डीएम कार्यालय पर जाकर धरना-प्रदर्शन करना था। लेकिन उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। कलेक्ट्रेट के गेट पर ताला लगवाकर प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया गया।
प्रदर्शनकारी बार-बार ताला खोलने की मांग करने लगे। कहा कि उन्हें डीएम से मिलकर न्याय की मांग करनी है। ताकि घटना का सही खुलासा हो और ललिता को न्याय मिल सके। लेकिन अफसरों ने गेट का ताला नहीं खोला। काफी देर तक पुलिस अफसर प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे, लेकिन लोग नहीं माने। अफसरों के समझाने पर नहीं माने
एसपी देहात, एसपी यातायात दोनों पहुंचे लोगों को सड़क से हटने के लिए कहा। लेकिन लोग नहीं माने अंत में भारी पुलिस बल के साथ एसएसपी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाकर उन्हें वहां से भगाया गया। वहीं कुछ लोगों को पुलिसवैन में भरकर पुलिस लाइन ले आई है। जिन पर मुकदमा लिखा जा रहा है।
अब मेरठ एसएसपी ने जो कहा वो पढ़िए… पूरे मामले में एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि ललिता गौतम नामक युवती की हत्या हुई थी। केस का पुलिस खुलासा कर चुकी है आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है। केस की जांच में पता चला था कि ललिता की एक युवक से पूर्व से ही दोस्ती थी, दोनों परिचित थे। इसके बाद युवक ने किसी अन्य युवक से बातचीत के शक में ललिता की हत्या की थी।
बुधवार को कुछ लोग इस मामले में अपनी मांगे रखना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें शांतिपूर्वक आकर मांगे रखने की अनुमति दी गई थी। लेकिन उन लोगों द्वारा यहां सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जाने लगा। इससे आम जनता, बच्चों को परेशानी हो रही थी। बार-बार उन लोगों को समझाया गया वो नहीं माने तो हल्का बलप्रयोग कर उन्हें हटाया गया है।
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