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मंजू प्रजापति जब से पार्षद बनी हैं, कभी समाज के बीच नहीं आईं। वोट लेकर जीत जाते हैं, फिर पब्लिक को परेशान करते हैं…। यह नाराजगी राजामंडी की कृष्णा सागर ने जाहिर की। वार्ड-83 के ज्यादातर लोगों की प्रतिक्रिया भी ऐसी ही है। यहां के लोग सुबह चार बजे से पानी की लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। सीवर सड़कों पर उफन रहा है। गोकुलपुरा में नाले की टूटी बाउंड्री वॉल 20 दिन बाद भी ठीक नहीं की गई है। गलियां कूड़े के ढेर से पटी हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। उनका कहना है कि पूरा वार्ड मूलभूत सुविधाओं से दूर है। तीन साल बाद भी गंगाजल योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ। सड़कें टूटी हैं। नालियां चोक हैं। स्ट्रीट लाइट खराब हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-83 राजामंडी का जायजा लिया गया… बाल्मीक बस्ती में समर्सिबल से पानी भरने के लिए लोगों की लाइन सुबह चार बजे से ही लग जाती है। लोगों ने बताया कि घरों में नगर निगम पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। गोकुलपुरा में नाले में गिरी बाउंड्री वॉल हर समय हादसे का खतरा पैदा करती नजर आई। वहीं वार्ड का सेल्फी पॉइंट कूड़ा और मलबा डालने की जगह में तब्दील मिला, जिससे क्षेत्र की बदहाल सफाई व्यवस्था साफ नजर आती है। पहले ये नजारा देखिए… पेयजल संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। बाल्मीक बस्ती समेत कई इलाकों में गंगाजल की लाइन नहीं है। लोग सुबह चार बजे से समरसेबल पर पानी भरने के लिए कतार में लग जाते हैं, लेकिन कई बार दो से तीन घंटे इंतजार के बाद भी पानी नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी की पाइपलाइन में दूषित पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में लोगों को दूसरे इलाकों से पानी लाना या खरीदकर पीना पड़ रहा है। वार्ड की बड़ी समस्याएं पेयजल संकट: गंगाजल की लाइन नहीं होने से हजारों लोग दूषित पानी पीने या दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। सीवर ओवरफ्लो: पुरानी और जाम सीवर लाइनें लगातार उफन रही हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। चोक नालियां और गंदगी: नियमित सफाई नहीं होने से नालियां जाम हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। टूटी सड़कें और जलभराव: सड़कें जर्जर हैं। हल्की बारिश में भी गलियां पानी से भर जाती हैं। टूटी नाले की बाउंड्री वॉल: गोकुलपुरा में नाले की दीवार टूटने से बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। लोग बोले- पानी के लिए रातभर जागना पड़ता है स्थानीय लोगों ने बताया कि गोकुलपुरा में नाले की टूटी दीवार कई दिनों बाद भी नहीं बनाई गई। नाले की बाउंड्री टूटने से कूड़ा जमा हो जाता है और बारिश में गलियां डूब जाती हैं। पानी भरने के लिए सुबह चार बजे उठना पड़ता है। सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में कूड़ा गाड़ी नियमित नहीं पहुंचती। सफाईकर्मियों की कमी के कारण गली-गली कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कूड़ा नालियों में गिरकर उन्हें जाम कर देता है, जिससे सीवर का पानी सड़कों पर बहने लगता है। लोगों की मांग है कि नियमित सफाई, शुद्ध पेयजल और जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए। सीवर ओवरफ्लो और जाम नालियों से बदहाल गलियां राजामंडी, सेंट जॉन, अखाड़ा बाल्मीक बस्ती और गोकुलपुरा में कई स्थानों पर सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता मिला। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में ही गलियां और घरों के सामने पानी भर जाता है। दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
टूटी सड़कें और जर्जर नाला बना खतरा गोकुलपुरा में बारिश के दौरान बड़े नाले की बाउंड्री वॉल टूटकर नाले में गिर गई। कई दिन बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हुई, जिससे राहगीरों और बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। राजामंडी स्टेशन पर सीएम ग्रिड परियोजना के तहत सड़क खोदने के बाद महीनों से निर्माण अधूरा पड़ा है। उड़ती धूल से दुकानदारों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेल्फी पॉइंट फिर बना कूड़ाघर नालबंद चौराहे के पास नगर निगम ने जिस स्थान को कूड़ाघर से बदलकर सेल्फी पॉइंट बनाया था, वहां अब फिर कूड़ा और मलबा डाला जा रहा है। आसपास रहने वाले लोगों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। हैंडीक्राफ्ट बाजार पर भी पड़ा असर गोकुलपुरा का हैंडीक्राफ्ट बाजार कभी विदेशी पर्यटकों की पसंद था, लेकिन सीवर, गंदगी और स्ट्रीट लाइट की समस्या के कारण पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। ———– ये खबर भी पढ़िए… 10 साल से ‘गंगाजल’ का इंतजार कर रहे वार्डवासी:आगरा के वार्ड-96 में गलियों में बह रहा सीवर का पानी ,पार्षद बोले-दो साल में सीवर समस्या खत्म करेंगे वार्ड-96 धनकोट फुव्वारा में पिछले 10 साल से लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। ये हालात तब हैं जब आगरा नगर निगम गंगाजल परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। महिलाएं आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। घरों का मल-मूत्र खुली नालियों में बह रहा है। सीवर जाम हैं और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। दूसरी ओर पार्षद 100% विकास का दावा कर रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल उलट मिली। कहीं खुला सीवर हादसे को दावत दे रहा है, कहीं टूटी सड़कें और अवैध तबेले लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…



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